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हरिद्वार में गंगा का जलस्तर चेतावनी से ऊपर, बहादराबाद की फैक्ट्री में घुसे पानी से 52 मजदूरों का रेस्क्यू

On: August 6, 2025 10:16 AM
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हरिद्वार | उत्तराखंड में मूसलधार बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही बारिश से नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हरिद्वार में गंगा नदी चेतावनी के स्तर को पार कर गई है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात कर दी गई हैं।

गंगा नदी का जलस्तर 293.85 मीटर तक पहुंच गया है, जो कि उसके चेतावनी स्तर 293.00 मीटर से 0.85 मीटर अधिक है। हालांकि यह खतरे के निशान 294.00 मीटर से थोड़ा ही नीचे है, लेकिन नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर हरीश कुमार ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में दो दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा में जलप्रवाह काफी तेज हो गया है।

स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने समस्त क्षेत्रीय अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बाढ़ चौकियों को विशेष सतर्कता बरतने और तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों को गंगा नदी से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है। प्रशासन की ओर से यह भी अपील की गई है कि लोग केवल निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें और अनावश्यक रूप से नदी के पास जाने से बचें।

फैक्ट्री में फंसे मजदूरों का रेस्क्यू

बारिश और बढ़ते जलस्तर का सबसे बड़ा असर बहादराबाद क्षेत्र में देखा गया, जहां अहमदपुर गांव स्थित उत्तम डिस्टलरी फैक्ट्री में देर रात अचानक बाढ़ का पानी घुस गया। उस समय फैक्ट्री में कार्यरत 50 से अधिक मजदूर अंदर फंसे रह गए। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस टीम हरकत में आ गई। सुबह करीब 4:37 बजे 112 कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही थाना बहादराबाद से वरिष्ठ उप निरीक्षक प्रदीप राठौर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस के साथ-साथ फायर ब्रिगेड और जल पुलिस को भी तत्काल घटनास्थल पर बुलाया गया। तीनों टीमों के संयुक्त प्रयास से चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में कुल 52 मजदूरों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि समय पर बचाव कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की जानमाल की हानि नहीं हुई।

प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद

जिले में बने हालात को देखते हुए प्रशासन ने आपातकालीन तैयारी पूरी कर ली है। सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। नदी किनारे बस्तियों में रह रहे लोगों को सतर्क रहने और किसी भी स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

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