शहर में निजी दोपहिया वाहनों के जरिए फूड और अन्य सामग्री की डिलीवरी कराने वाले प्रतिष्ठानों पर अब आरटीओ शिकंजा कसने की तैयारी में है। परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि मोटरयान अधिनियम का उल्लंघन करने वाली ई-कॉमर्स कंपनियों को पहले नोटिस जारी किया जाएगा और नियमों का पालन न होने पर प्रतिष्ठानों के साथ-साथ डिलीवरी में इस्तेमाल हो रहे वाहनों को भी सीज किया जाएगा।
परिवहन विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई ई-कॉमर्स कंपनियां निजी नंबर के दोपहिया वाहनों से व्यावसायिक डिलीवरी करवा रही हैं। नियमों के अनुसार किसी भी निजी वाहन का इस्तेमाल व्यवसायिक कार्य के लिए नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद शहर में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिनके पास न तो कमर्शियल परमिट है और न ही चालक पहचान पत्र।
आरटीओ की जांच में यह भी सामने आया है कि कई डिलीवरी बॉय का न तो कंपनी स्तर पर सत्यापन कराया जाता है और न ही उनके पास कोई आधिकारिक पहचान पत्र होता है। इस स्थिति में न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि अवैध गतिविधियों, नशे की सप्लाई जैसी घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आरटीओ प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। वाहन चालकों के सत्यापन के लिए पुलिस विभाग की भी मदद ली जाएगी, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके।
आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने बताया कि मोटरयान अधिनियम के तहत किसी भी वाहन को व्यवसायिक उपयोग में लाने के लिए परिवहन विभाग से परमिट लेना अनिवार्य है। बिना परमिट निजी वाहनों से डिलीवरी कराना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित प्रतिष्ठानों और वाहनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।