नैनीताल जनपद में परिवहन विभाग के 2982 टैक्स बकाएदारों का कोई अता-पता नहीं है। इन पर कुल 22.68 करोड़ रुपये बकाया है। बार-बार नोटिस भेजे जाने के बाद भी जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने सभी के खिलाफ आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी कर दी है। कई बकाएदार ऐसे हैं जिनका बकाया नौ से दस साल पुराना है। तमाम पते गायब मिले और दिए गए फोन नंबर भी अब सेवा में नहीं हैं।
टैक्स वसूली में बड़ी चुनौती
परिवहन विभाग की आय का बड़ा हिस्सा कॉमर्शियल वाहनों के टैक्स पर निर्भर है। विभाग के पास 26 हजार से अधिक गुड्स वाहन और इतने ही टैक्सी-मैक्सी वाहन रजिस्टर्ड हैं। टैक्स वसूली की फाइलें खंगालने पर सामने आया कि जिले में 20 हजार से ज्यादा वाहन मालिक टैक्स बकाएदार हैं। इनमें से करीब 9500 से अधिक के पते पर नोटिस पहुंच गए, लेकिन बाकी का कोई सुराग नहीं मिला। 2982 बकाएदार पूरी तरह गायब हैं, जिनकी आरसी काटी गई है।
पुराने और नए मामले लगातार बढ़ रहे
विभागीय आंकड़ों के अनुसार 16807 टैक्स बकाएदार पुराने मामले हैं। वहीं, 1 अप्रैल से 30 अगस्त 2025 तक 3266 नए मामले सामने आए। इस दौरान बकाया राशि भी तेजी से बढ़ी। पहले यह 52.15 करोड़ रुपये थी, जो अगस्त अंत तक 53.62 करोड़ रुपये पहुंच गई। यानी कुछ ही महीनों में करीब 1.14 करोड़ रुपये की अतिरिक्त देनदारी जुड़ गई।
वसूली के प्रयास, लेकिन लक्ष्य अभी दूर
अप्रैल से अगस्त 2025 के बीच विशेष अभियान चलाकर विभाग ने 9449 वाहन मालिकों से सवा छह करोड़ रुपये की वसूली की। हालांकि यह रकम कुल बकाए का छठा हिस्सा भी नहीं है। अब भी 47.04 करोड़ रुपये बकाया रह गया है, जो 10624 टैक्स बकाएदारों से वसूलना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
विभाग ने कसा शिकंजा
विभाग ने बकाएदारों की पहचान पुख्ता करने के लिए अब नई व्यवस्था लागू की है। नए कॉमर्शियल वाहनों के रजिस्ट्रेशन के समय आधार कार्ड और स्थानीय पते की पुष्टि अनिवार्य कर दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसे हालात दोबारा न हों।
विभाग की सख्त चेतावनी
परिवहन विभाग ने साफ कहा है कि अब 9636 टैक्स बकाएदारों को नोटिस भेजे जा चुके हैं, जबकि 2982 पर आरसी जारी कर दी गई है। एआरटीओ प्रशासन बीके सिंह के मुताबिक,
“प्रशासन के सहयोग से इन बकाएदारों की तलाश कर बकाया वसूला जाएगा।”
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