नैनीताल जिले में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। आलू, टमाटर, शिमला मिर्च, बैंगन, आड़ू, प्लम और खुबानी जैसी फसलें बर्बाद हो गईं। भीमताल, भवाली, मेहरागांव, अलचौना जैसे इलाकों में किसान आंसू बहाने को मजबूर हो गए। बड़े-बड़े ओलों ने न सिर्फ फसलों को, बल्कि कारों, पॉलीहाउस और सोलर पैनलों को भी नुकसान पहुंचाया। चाय बागानों की पत्तियों को भी लगभग 30 से 35 प्रतिशत तक क्षति हुई है।
ओलावृष्टि के बाद खेतों में केवल बर्बादी का मंजर नजर आ रहा है। सालभर की मेहनत एक दिन की बारिश में तबाह हो गई। भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से किसानों के नुकसान का तत्काल सर्वे करवाकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। खेतों के साथ-साथ दुकानों और सड़कों को भी नुकसान पहुंचा है। जलभराव की वजह से कई दुकानों में पानी भर गया, जिससे व्यापारियों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी।
नैनीताल शहर में सुबह से ही बादल छाए रहे और दिनभर कोहरा छाया रहा। दोपहर बाद तेज बारिश और ओलों ने ठंड का एहसास करा दिया। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली। रामनगर समेत कई इलाकों में बारिश और ओलों ने मौसम को सुहावना बना दिया, जिससे आम और लीची की फसलों को भी लाभ होने की उम्मीद है।
भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर गरमपानी क्षेत्र में बुधवार को थुवा की पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने लगे। इससे सड़क किनारे खड़ी कारें और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि उस समय कोई वाहन वहां से नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने एनएच प्रशासन से पहाड़ी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
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