अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

देहरादून में डंपरों की आवाजाही से बढ़ सकता है जाम और हादसों का खतरा, यातायात पुलिस ने दी 10 डंपरों को अनुमति

On: November 19, 2025 8:00 AM
Follow Us:

देहरादून शहर के यातायात में जल्द ही एक नया मोड़ आने वाला है, क्योंकि यातायात पुलिस ने 10 डंपरों को शहर के अंदर से गुजरने की अनुमति दे दी है। यह डंपर ग्रीन बिल्डिंग के निर्माण कार्य के लिए जरूरी निर्माण सामग्री लेकर शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरेंगे। हालांकि, इस निर्णय के साथ यातायात पुलिस ने कुछ शर्तें भी लागू की हैं, जिनके तहत डंपर पीक टाइम में और व्यस्त सड़कों से नहीं गुजरेंगे, लेकिन फिर भी जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।

डंपरों की आवाजाही के रूट और समय

इन 10 डंपरों को कुआंवाला से कचहरी तक यात्रा करने की अनुमति मिली है, जो 30 जून तक नियमित रूप से चलेगा। डंपर के मार्ग में कुआंवाला-कचहरी मार्ग, रिस्पनापुल, पुरानी बाइपास चौकी, माता मंदिर रोड, धर्मपुर चौक, नेगी तिराहा, रेसकोर्स चौक, और हरिद्वार रोड शामिल हैं। यह डंपर सुबह 11 से 12:30 बजे और फिर दोपहर 3 से 5 बजे तक इस रूट से गुजरेंगे।

पीक टाइम में बढ़ सकता है जाम

यातायात पुलिस द्वारा दिए गए समय पर डंपरों का चलना खासकर पीक टाइम यानी सुबह 11 बजे से 12:30 बजे और दोपहर 3 से 5 बजे के बीच, शहर में जाम की स्थिति पैदा कर सकता है। इस समय के दौरान स्कूलों की छुट्टियां होती हैं और यातायात पहले ही भारी रहता है। इसके अलावा, माता मंदिर रोड से पुरानी बाइपास चौकी तक हमेशा जाम की समस्या रहती है। ऐसे में यह तय है कि इन डंपरों की आवाजाही से हादसों और ट्रैफिक जाम की संभावना बढ़ सकती है।

यातायात पुलिस ने रखी शर्तें

डंपरों के शहर के भीतर चलने के लिए कुछ खास शर्तें भी रखी गई हैं:

  1. डंपर ओवरलोड या ओवरस्पीड नहीं होंगे।
  2. डंपर एक साथ नहीं आएंगे, बल्कि आधे-आधे घंटे के अंतराल में आएंगे।
  3. वाहनों को नो पार्किंग एरिया में खड़ा नहीं किया जाएगा।
  4. वीवीआइपी मूवमेंट, स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय डंपरों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा।
  5. किसी भी दुर्घटना या असुरक्षा की जिम्मेदारी वाहन मालिक और संबंधित विभागीय अधिकारियों की होगी।
  6. डंपरों की अधिकतम गति 20 किमी प्रति घंटा रखी जाएगी।

निरंतर समीक्षा की प्रक्रिया

यातायात पुलिस ने यह निर्णय कुछ शर्तों के साथ लिया है और यह सुनिश्चित किया है कि अगर किसी भी कारण से जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, तो अनुमति को रद्द किया जा सकता है। निरीक्षक जितेंद्र जोशी के अनुसार, यातायात विभाग लगातार स्थिति की समीक्षा करेगा और यदि समस्या बढ़ती है, तो कदम उठाए जाएंगे।

निष्कर्ष: देहरादून शहर में अब डंपरों की आवाजाही से यातायात में और अधिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए शहरवासियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, खासकर पीक आवर्स में।

यह भी पढ़ें – देहरादून में चेकिंग के दौरान उत्तर प्रदेश विधायक की कार सीज, नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई*

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

उत्तराखंड में ‘रसोई गैस’ का संकट: शादियों के मेन्यू में कटौती, कैटरिंग महंगी और लकड़ी के चूल्हों की वापसी

अल्मोड़ा: सोमेश्वर के पच्चीसी के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी स्कॉर्पियो, दो घायल, एक अब भी लापता

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विधानसभा में पोडियम पर खड़े होकर दृढ़ता से भाषण देते हुए, पीछे सरकारी लोगो और अन्य विधायक बैठे हैं।

मदरसों की आड़ में ‘आतंक की फैक्ट्री’ बर्दाश्त नहीं, देवभूमि में राष्ट्र विरोधियों के लिए कोई जगह नहीं: सीएम धामी

देहरादून गैस एजेंसी के बाहर सिलिंडर के लिए कतार में खड़े लोग।

देहरादून में गहराया LPG संकट: पश्चिम एशिया की जंग की आंच दून की रसोई तक, बुकिंग ठप, गोदामों पर उमड़ी भीड़

देहरादून में दून वेली महानगर उद्योग व्यापार मंडल की बैठक का दृश्य, जहाँ व्यापारी कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत पर चर्चा कर रहे हैं। टेबल पर लाल रंग के कमर्शियल गैस सिलेंडर रखे हैं और बैकग्राउंड में व्यापार मंडल का बैनर लगा है

देहरादून में कमर्शियल गैस सिलेंडर का हाहाकार: होटल और रेस्टोरेंट कारोबार ठप होने की कगार पर, व्यापारियों ने दी चेतावनी

"सड़क के किनारे एक लाल और सफेद रंग का साइनबोर्ड जिस पर हिंदी में 'दुर्घटना-संभावित क्षेत्र, सावधानी से चलाएं' लिखा है, पीछे एक खाली घुमावदार सड़क दिखाई दे रही है।"

देहरादून: गूलर घाटी में रफ्तार का कहर, घर के बाहर खेल रहे 2 साल के मासूम को कार ने कुचला; सीसीटीवी में कैद हुई खौफनाक वारदात

Leave a Comment