हरिद्वार से नजीबाबाद को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-34 (एनएच-34) के निर्माण का काम अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। करीब 50 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर जल्द ही वाहन तेज रफ्तार से दौड़ते नजर आएंगे। तीन एलिवेटेड सेक्शन और एक रेलवे ओवरब्रिज को छोड़ दें तो सड़क का अधिकांश हिस्सा यातायात के लिए खोल दिया गया है। हाल ही में चंडी घाट पुल के शुरू होने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। मौजूदा प्रगति को देखते हुए इस साल परियोजना के पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
एनएच-34 के हरिद्वार–नजीबाबाद सेक्शन को चार लेन में विकसित किया जा रहा है। इस मार्ग की शुरुआत हरिद्वार की ओर चंडी घाट के पास हरिद्वार–ऋषिकेश हाईवे से होती है और यह उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में जलालाबाद के पास जाकर समाप्त होता है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला यह सेक्शन लंबे समय से निर्माणाधीन रहा है, लेकिन अब कार्य तेजी से पूरा होने की ओर बढ़ रहा है।
इस परियोजना में कुछ हिस्से ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किए गए हैं। फिलहाल तीन एलिवेटेड रोड सेक्शन और रेलवे ओवरब्रिज पर काम शेष है, जबकि एक्सप्रेस-वे जैसे विकसित किए गए ज्यादातर हिस्से पर निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। चंडी घाट पुल के ट्रैफिक के लिए खुलने से हरिद्वार की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिली है।
वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस सेक्शन में एनिमल कॉरिडोर भी बनाए जा रहे हैं, ताकि जंगली जानवर बिना किसी बाधा के अपने प्राकृतिक मार्गों पर आवाजाही कर सकें। जिस रफ्तार से काम आगे बढ़ रहा है, उससे यह साफ है कि परियोजना को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मार्ग के पूरा हो जाने से हरिद्वार जिले समेत आसपास के इलाकों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। नजीबाबाद, धामपुर और उत्तराखंड के काशीपुर तक की यात्रा न केवल आसान होगी, बल्कि समय की भी काफी बचत होगी। गड्ढों और खराब सड़कों से निजात मिलने के साथ सफर ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक बन जाएगा।







