सेलाकुई के श्री एसएससी अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज में शुक्रवार को नंदा शक्ति वाटिका का भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर पर्यावरणविद् और उत्तराखंड में मैती आंदोलन के जनक पद्मश्री कल्याण सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने विद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण और पेड़-पौधों के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
मुख्य अतिथि ने कहा कि आज पूरी दुनिया में प्रति मिनट लगभग आठ फुटबॉल मैदान के बराबर जंगल काटे जा रहे हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के 20 से अधिक ग्लेशियरों में झीलें बन चुकी हैं, जो कभी भी प्राकृतिक आपदा का कारण बन सकती हैं। इस पर छात्रों को सतर्क रहने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य डा. यशवंत बर्तवाल ने पद्मश्री कल्याण सिंह रावत का स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। वरिष्ठ प्रवक्ता दिवाकर थपलियाल ने अंग वस्त्र अर्पित किए, वहीं विद्यालय के ईको क्लब प्रभारी पवन शर्मा ने पुष्प गुच्छ देकर मुख्य अतिथि का सम्मान किया।
नंदा शक्ति वाटिका में रुद्राक्ष, बेलपत्र, नीम, आम, अमरूद, नींबू, चकोतरा, अपराजिता और तुलसी के पौधे लगाए गए। यह वाटिका छात्रों के लिए पर्यावरण शिक्षा और जागरूकता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी।
इस मौके पर विनोद कुमार थपलियाल, दिवाकर प्रसाद थपलियाल, संतोष कुमार, मेघा डोभाल, प्रभा नेगी, राज प्रियंका, विश्वेश्वरी गैरोला, लक्ष्मण गिरि, किरण देवी और जेएस बर्तवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना और उन्हें प्रकृति संरक्षण में सक्रिय भागीदार बनाना था। पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने विशेष रूप से यह संदेश दिया कि छोटे-छोटे कदम जैसे पौधारोपण भी बड़े स्तर पर पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मददगार हो सकते हैं।
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