चमोली जिले के थराली क्षेत्र में शुक्रवार रात बादल फटने से बड़ी आपदा आ गई। कई घरों में मलबा घुस गया और कस्बे का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। एक व्यक्ति अब भी लापता है, जिसकी तलाश एसडीआरएफ और अन्य टीमें लगातार कर रही हैं। प्रभावित परिवारों को प्रशासन ने पास के स्कूलों और गेस्ट हाउस में ठहराया है।
मुख्यमंत्री का थराली दौरा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को थराली पहुंचेंगे। वे आपदा पीड़ितों से मुलाकात करेंगे और मौके पर जाकर राहत व पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करेंगे। आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार की सात सदस्यीय टीम भी जल्द उत्तराखंड का दौरा करेगी।
पुलिस और प्रशासन की लगातार निगरानी
आपदा के बाद से पुलिस और प्रशासनिक अमला लगातार ग्राउंड जीरो पर मौजूद है। जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी स्वयं प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर हालात पर नज़र रखे हुए हैं। शनिवार को भारी बारिश के कारण कई मार्ग बाधित हो गए थे, जिन्हें खोलने का प्रयास तेजी से किया जा रहा है। एसपी चमोली व्यक्तिगत रूप से हर गतिविधि पर नज़र बनाए हुए हैं ताकि राहत व बचाव कार्यों में किसी तरह की रुकावट न आए।
आपदा प्रभावितों के लिए अस्थायी ठहराव
प्रशासन ने आपदा प्रभावित लोगों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की है। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज कुलसारी में 12 लोग, प्राथमिक विद्यालय चेपड़ो में 36 लोग और प्राथमिक विद्यालय अपर बाजार थराली में 20 लोग ठहरे हुए हैं। प्रशासन ने सभी प्रभावितों के लिए खाने-पीने और रहने की पूरी सुविधा उपलब्ध करवाई है।
दो दर्जन से अधिक घरों को नुकसान
इस आपदा में दो दर्जन से ज्यादा घरों में मलबा भर गया है। कच्चे रास्तों और मुख्य मार्गों को भी भारी क्षति पहुंची है। कर्णप्रयाग-ग्वालदम राजमार्ग का करीब 15 मीटर हिस्सा बह गया है, जिससे यातायात बाधित हो गया है।
राहत व बचाव कार्यों में लगी टीमें
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और एसएसबी की टीमें राहत और बचाव कार्यों में दिन-रात जुटी हुई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाने और मार्ग बहाल करने का काम तेजी से किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।






