टिहरी गढ़वाल: रिश्तों का कत्ल! टॉर्च चार्ज करने गई 14 साल की भतीजी से चाचा ने किया दुष्कर्म, आरोपी सलाखों के पीछे - Doonprimenews
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टिहरी गढ़वाल: रिश्तों का कत्ल! टॉर्च चार्ज करने गई 14 साल की भतीजी से चाचा ने किया दुष्कर्म, आरोपी सलाखों के पीछे

On: February 20, 2026 9:00 AM
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नई टिहरी/घनसाली |उत्तराखंड के शांत पहाड़ी इलाकों से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। टिहरी जनपद के घनसाली क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ उसके सगे रिश्ते में लगने वाले चाचा द्वारा दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
घटना का विवरण: विश्वास के साथ हुआ विश्वासघात
मिली जानकारी के अनुसार, घटना घनसाली थाना क्षेत्र के एक गांव की है। 14 वर्षीय पीड़िता बीती शाम घर में अंधेरा होने के कारण अपनी टॉर्च चार्ज करने के लिए पड़ोस में रहने वाले अपने चाचा के घर गई थी। उसे अंदाजा भी नहीं था कि जिस रिश्ते पर वह भरोसा करती है, वही उसकी अस्मत पर हमला कर देगा।
आरोप है कि घर में अकेला पाकर चाचा ने पहले मासूम के साथ छेड़छाड़ की और फिर डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पीड़िता बुरी तरह सहम गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी।
पीड़िता की बहादुरी और पुलिस की कार्रवाई
लोक-लाज और डर को दरकिनार करते हुए पीड़िता स्वयं 17 फरवरी को न्याय की गुहार लगाने ‘थाना चौकी लाटा चमियाला’ पहुंची। नाबालिग के साहस को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया।
कानूनी कार्यवाही की मुख्य बातें:

  • FIR और धाराएं: घनसाली थानाध्यक्ष अजय कुमार जाटव के नेतृत्व में पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1) और पॉक्सो एक्ट (POCSO) की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया।
  • मेडिकल परीक्षण: शिकायत दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस ने पीड़िता को देर रात बेलेश्वर अस्पताल पहुंचाया, जहाँ से उसे गहन मेडिकल जांच और प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल नई टिहरी रेफर कर दिया गया।
  • आरोपी की गिरफ्तारी: बुधवार को मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर लिया।
    न्यायालय का फैसला: 14 दिनों की जेल
    पुलिस ने आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया। मामले की गंभीरता और नाबालिग के बयानों को देखते हुए, अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका को नजरअंदाज करते हुए उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले में पीड़िता के बयान दर्ज करने और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया में जुटी है ताकि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
    देवभूमि में बढ़ती घटनाएं: एक चिंता का विषय
    यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा सवाल है। देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड के ग्रामीण अंचलों में, जहाँ लोग एक-दूसरे पर अटूट विश्वास करते हैं, वहां इस तरह की घटनाएं सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती हैं।

“पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। आरोपी को सख्त सजा दिलाने के लिए चार्जशीट जल्द पेश की जाएगी।” — अजय कुमार जाटव, थानाध्यक्ष, घनसाली

निष्कर्ष
इस घटना ने गांव में आक्रोश और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की जाए ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। फिलहाल, पीड़िता की काउंसलिंग की जा रही है और उसे सुरक्षा प्रदान की गई है।

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