अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

साउथ सुपरस्टार रजनीकांत उत्तराखंड पहुंचे, पांडवखोली की महावतार बाबा गुफा में किया ध्यान

On: October 9, 2025 9:54 AM
Follow Us:

दक्षिण भारतीय फिल्मों के महानायक और ‘थलाइवा’ के नाम से मशहूर सुपरस्टार रजनीकांत एक बार फिर उत्तराखंड की दिव्य वादियों में पहुंचे। आध्यात्मिकता से ओत-प्रोत अभिनेता इस बार पांडवखोली स्थित महावतार बाबा की गुफा में ध्यान लगाने पहुंचे, जहां उन्होंने कुछ समय एकांत और शांति में बिताया।

बताया जाता है कि ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी’ किताब पढ़ने के बाद रजनीकांत का जीवन अध्यात्म की ओर मुड़ा। पुस्तक से प्रभावित होकर वे 2002 में पहली बार कौरवछीना (कुकुछीना) से लगभग ढाई किलोमीटर दूर पांडवखोली की पहाड़ी पर स्थित महावतार बाबा की पवित्र गुफा में पहुंचे थे। उस यात्रा के बाद उनकी आस्था और गहरी हो गई।

रजनीकांत ने 2002 की अपनी पहली यात्रा के बाद कहा था कि “यहां की शांति मन को भीतर तक स्पर्श करती है।” उस दौरे के बाद उनकी फिल्म ‘काला’ को बड़ी सफलता मिली। इसके बाद से वह हर कुछ वर्षों में यहां ध्यान के लिए पहुंचते रहे हैं।

2019 में भी रजनीकांत अपनी फिल्म ‘दरबार’ की सफलता की प्रार्थना के लिए पांडवखोली आए थे। इस बार भी वह अपनी आत्मिक यात्रा पर निकले और पहले गढ़वाल प्रवास के बाद द्वाराहाट पहुंचे। यहां उन्होंने अपने करीबी मित्र बीएस हरिमोहन के आवास पर रात्रि विश्राम किया।

अगली सुबह वह योगदा सत्संग आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने आश्रम संचालकों से मुलाकात की और ध्यान साधना की। आश्रम में कुछ समय बिताने के बाद वे अपने मित्रों के साथ महावतार बाबा की गुफा की ओर रवाना हुए।

पांडवखोली की शांत और सुरम्य वादियों में रजनीकांत का यह रूप उनके प्रशंसकों के लिए अद्भुत दृश्य था — रील लाइफ के सुपरस्टार अब रियल लाइफ में पूर्ण संत की तरह ध्यान में लीन थे। गुफा में कुछ देर ध्यान लगाने के बाद उन्होंने लौटते समय स्थानीय लोगों और प्रशंसकों से मुलाकात की, उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।

ध्यान साधना के पश्चात रजनीकांत दोपहर बाद हल्द्वानी के लिए रवाना हो गए। उनकी यह आध्यात्मिक यात्रा एक बार फिर यह दर्शाती है कि थलाइवा के लिए अध्यात्म केवल एक राह नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका बन चुका है।

यह भी पढ़ें – मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों का असर, देहरादून-टनकपुर ट्रेन अब सप्ताह में तीन दिन दौड़ेगी

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

मध्य प्रदेश के सागर जिले के केसली में उस कुएं के पास खड़ी पुलिस और ग्रामीण जहां एक महिला ने अपनी 4 बेटियों के साथ जान दे दी।

मध्य प्रदेश के सागर में रूह कंपा देने वाली वारदात: मां ने चार मासूम बेटियों को कुएं में फेंककर दी जान, इलाके में पसरा मातम

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विधानसभा में पोडियम पर खड़े होकर दृढ़ता से भाषण देते हुए, पीछे सरकारी लोगो और अन्य विधायक बैठे हैं।

मदरसों की आड़ में ‘आतंक की फैक्ट्री’ बर्दाश्त नहीं, देवभूमि में राष्ट्र विरोधियों के लिए कोई जगह नहीं: सीएम धामी

धुएं से घिरा समुद्र में जलता हुआ तेल टैंकर और पास में बचाव नौकाएं, ईरान-अमेरिका संघर्ष का प्रतीकात्मक चित्रण।

ईरान का भीषण हमला: सुसाइड बोट से अमेरिकी तेल टैंकर को उड़ाया, एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत, 15 भारतीय सुरक्षित

देहरादून गैस एजेंसी के बाहर सिलिंडर के लिए कतार में खड़े लोग।

देहरादून में गहराया LPG संकट: पश्चिम एशिया की जंग की आंच दून की रसोई तक, बुकिंग ठप, गोदामों पर उमड़ी भीड़

देहरादून में दून वेली महानगर उद्योग व्यापार मंडल की बैठक का दृश्य, जहाँ व्यापारी कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत पर चर्चा कर रहे हैं। टेबल पर लाल रंग के कमर्शियल गैस सिलेंडर रखे हैं और बैकग्राउंड में व्यापार मंडल का बैनर लगा है

देहरादून में कमर्शियल गैस सिलेंडर का हाहाकार: होटल और रेस्टोरेंट कारोबार ठप होने की कगार पर, व्यापारियों ने दी चेतावनी

"सड़क के किनारे एक लाल और सफेद रंग का साइनबोर्ड जिस पर हिंदी में 'दुर्घटना-संभावित क्षेत्र, सावधानी से चलाएं' लिखा है, पीछे एक खाली घुमावदार सड़क दिखाई दे रही है।"

देहरादून: गूलर घाटी में रफ्तार का कहर, घर के बाहर खेल रहे 2 साल के मासूम को कार ने कुचला; सीसीटीवी में कैद हुई खौफनाक वारदात

Leave a Comment