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पहाड़ों में बर्फबारी, मैदानों में बौछार: उत्तराखंड में मौसम ने बदली करवट, फरवरी की तपिश के बीच लौटी ‘गुलाबी ठंड’

On: February 19, 2026 6:27 AM
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हल्द्वानी/नैनीताल:
उत्तराखंड के तराई-भाबर क्षेत्रों सहित पर्वतीय इलाकों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। फरवरी के मध्य में जहाँ लोग चटख धूप और बढ़ती तपिश के कारण समय से पहले गर्मी महसूस करने लगे थे, वहीं अब मौसम के बदले मिजाज ने बड़ी राहत दी है। बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने पारे को नीचे गिरा दिया है, जिससे एक बार फिर वातावरण में सिहरन पैदा हो गई है।
तापमान में भारी गिरावट: गर्मी से मिली राहत
हल्द्वानी और इसके आसपास के मैदानी इलाकों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार की तुलना में बुधवार और गुरुवार को अधिकतम तापमान में 3.3 डिग्री सेल्सियस की कमी आई, जिससे यह 24.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया। वहीं न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा रहा और दिन भर हल्की धूप-छांव का खेल चलता रहा, जिससे धूप की तपिश काफी कम महसूस की गई।
पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात और मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई है, जबकि निचले और मध्यवर्ती क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है। इस बदलाव का असर कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों में इस प्रकार देखा गया:
नैनीताल: सरोवर नगरी में सुबह से ही घने बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी ने पर्यटकों व स्थानीय निवासियों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।
पिथौरागढ़: यहाँ रिमझिम बारिश के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ताजा हिमपात शुरू हो गया है, जिससे जिले के तापमान में भारी गिरावट आई है।
चंपावत: सुबह तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई, जिसके बाद दिन भर बादल छाए रहे। सर्द हवाओं ने ठंड में इजाफा किया है।
अल्मोड़ा और रानीखेत: अल्मोड़ा जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार सुबह से ही बारिश का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग के अनुसार अल्मोड़ा में अब तक 1.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
कृषि के लिए ‘अमृत’ है यह वर्षा
मौसम में आए इस बदलाव और हल्की बारिश को कृषि विशेषज्ञों ने रबी की फसल के लिए बेहद फायदेमंद बताया है। कृषि विज्ञानी डॉ. बी. एम. पांडे के अनुसार:

“फरवरी के मध्य में जिस तरह तापमान बढ़ रहा था, वह गेहूं और अन्य रबी फसलों के लिए चिंता का विषय था। यह बारिश फसलों को नई संजीवनी देगी और दानों के विकास में सहायक सिद्ध होगी। किसानों के लिए यह प्राकृतिक सिंचाई का काम करेगी।”

आगामी दिनों का पूर्वानुमान (Weather Forecast)
मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले कुछ दिनों के लिए स्थिति स्पष्ट की है। हालांकि गुरुवार को पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा और मैदानी इलाकों में बादल छाए रहने की संभावना प्रबल है, लेकिन जल्द ही धूप खिलने के आसार भी हैं।

तिथिमौसम का पूर्वानुमान
20 – 22 फरवरीमौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद है। चटक धूप खिलेगी।
23 फरवरीपश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम पुनः करवट बदल सकता है।
निष्कर्ष
फिलहाल, उत्तराखंड के लोगों को फरवरी की असमय गर्मी से निजात मिल गई है। जहाँ पहाड़ों में बर्फ की सफेद चादर बिछने से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग उत्साहित हैं, वहीं मैदानों में ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि तापमान में उतार-चढ़ाव को देखते हुए स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें, क्योंकि अचानक आई यह ठंड मौसमी बीमारियों का कारण बन सकती है।

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