देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 अगस्त के अवसर पर परेड ग्राउंड देहरादून में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के समग्र विकास, शिक्षा, जलापूर्ति और आपदा प्रबंधन से जुड़े छह महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों, राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों को नमन करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है।
ग्राम प्रहरी और चौकीदारों का मानदेय बढ़ा
मुख्यमंत्री धामी ने ग्राम प्रहरी और चौकीदारों का मानदेय 2000 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन और ग्रामीण स्तर पर कई जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले ये प्रहरी राज्य व्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रदेश में वर्तमान में 5645 ग्राम प्रहरी और चौकीदार सेवा दे रहे हैं।
सैनिक कल्याण प्रतिनिधियों को भी मिलेगा लाभ
उत्तराखंड को सैनिकों की धरती बताते हुए मुख्यमंत्री ने सैनिक कल्याण विभाग के ब्लॉक स्तर के प्रतिनिधियों का भी मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया। अब प्रत्येक प्रतिनिधि को 8 हजार की जगह 10 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। ये प्रतिनिधि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं के समाधान में अहम भूमिका निभाते हैं।
ग्लेशियरों पर नियमित अध्ययन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गंगोत्री समेत अन्य हिमालयी ग्लेशियरों का नियमित अध्ययन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्लेशियर झीलों से आपदा का खतरा लगातार बढ़ रहा है, इसलिए आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा ताकि आपदा से पहले और बाद की स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
विद्यालयों को गैस सिलिंडर और चूल्हा
मध्याह्न भोजन योजना के तहत संचालित विद्यालयों में जहां गैस सिलिंडर और चूल्हे उपलब्ध नहीं हैं, वहां सरकार की ओर से दो गैस सिलिंडर और एक चूल्हा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
प्रत्येक जिले में बनेगा शैक्षणिक केंद्र
राज्य में रोजगारपरक और दूरस्थ शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जिले में विशेष शैक्षणिक केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनका संचालन उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय करेगा। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये केंद्र उच्च शिक्षा के विस्तार और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में मददगार होंगे।
जलापूर्ति के लिए स्थापित होंगे हैंडपंप
जिन विधानसभा क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाता, वहां 10-10 हैंडपंप लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पहाड़ी परिस्थितियों को देखते हुए जल संकट दूर करने के लिए यह कदम जरूरी है।
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