मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार रात आपदा परिचालन केंद्र से चमोली जनपद के थराली क्षेत्र में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा में क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रभावित परिवारों को तत्काल पाँच लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मृतकों के परिजनों को भी पाँच लाख रुपये की अनुग्रह राशि तुरंत वितरित करने के आदेश दिए।
प्रभावित परिवारों के लिए तात्कालिक व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्याना चट्टी क्षेत्र में पानी की निकासी की व्यवस्था जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए, ताकि स्थानीय लोगों को परेशानी न हो। थराली में जो लोग बेघर हुए हैं, उनके लिए अस्थायी आवास और आवश्यक सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था की जाए। साथ ही दीर्घकालिक समाधान हेतु पुनर्वास कार्यों को भी तेज गति से आगे बढ़ाने पर बल दिया।
मूलभूत सुविधाओं की बहाली पर जोर
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी व संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित इलाकों में बिजली, पानी और सड़क नेटवर्क जैसी मूलभूत आवश्यकताएं शीघ्र बहाल की जाएं। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री की आपूर्ति में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और पीड़ित परिवारों को राशन सहित सभी जरूरी सामान एक साथ और गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध कराया जाए।
प्रभावी प्रबंधन पर प्रशंसा
थराली आपदा के दौरान जिलाधिकारी चमोली की तत्परता और प्रभावितों तक त्वरित राहत पहुंचाने के प्रयासों की मुख्यमंत्री ने सराहना की। उन्होंने कहा कि अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी इसी तरह बेहतर समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जाएं। साथ ही एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की त्वरित कार्रवाई और समर्पण की भी उन्होंने प्रशंसा की।
ऑरेंज अलर्ट को लेकर विशेष निर्देश
राज्य में अगले दो दिनों के लिए मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़ी सामग्री और उपकरण संवेदनशील स्थानों पर पहले से उपलब्ध कराए जाएं, ताकि आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
आपदाओं के पैटर्न पर अध्ययन हेतु समिति गठित
बैठक में मुख्यमंत्री ने थराली (चमोली), सैजी (पौड़ी) और धराली (उत्तरकाशी) में हाल ही में आई आपदाओं के पैटर्न का वैज्ञानिक अध्ययन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए। इस समिति में प्रतिष्ठित एजेंसियों के विशेषज्ञ और वैज्ञानिक शामिल होंगे। समिति की रिपोर्ट भविष्य में आपदा प्रबंधन रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बैठक में मुख्य सचिव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






