Roorkee Sisters Murder Case ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है। रुड़की में दो सगी बहनों की गोली मारकर हुई हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। दो बहनों संगीता और पुष्पा की हत्या का आरोपी कोई और नहीं, बल्कि उनका अपना सगा भाई विवेक उर्फ विक्की ही निकला। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि विवेक ने अपनी दोनों बहनों की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी क्योंकि वह अपना रिश्ता टूटने के पीछे उनकी जीवनशैली और चाल-चलन को वजह मानता था।
रिश्ता टूटने से उपजे आक्रोश के चलते आरोपी ने मुजफ्फरनगर से हथियार खरीदा, लगातार पांच दिनों तक बहनों की रेकी की और मौका मिलते ही दोनों को मौत के घाट उतार दिया।
शादी से इनकार और साजिश: जानिए Roorkee Sisters Murder Case की मुख्य वजह
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी विवेक ने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी कहानी का पर्दाफाश किया। विवेक का मुजफ्फरनगर में रिश्ता तय हुआ था, लेकिन करीब 10 दिन पहले लड़की वालों ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया और रिश्ता तोड़ दिया। गांव चुडियाला में लोग विवेक की बहनों की निजी जिंदगी को लेकर तरह-तरह की बातें करते थे, जो आखिरकार लड़की वालों के कानों तक भी पहुंच गईं।
Roorkee Sisters Murder Case की जांच में सामने आया कि विवेक इस बात से गहरे सदमे और गुस्से में था। उसे लगा कि उसकी बहनों संगीता और पुष्पा के आचरण की वजह से ही उसकी शादी में अड़चन आ रही है और उसकी जिंदगी बर्बाद हो रही है। इसी बदले की भावना ने उसे इस भयानक वारदात को अंजाम देने के लिए उकसाया।
5 दिन तक रेकी और मुजफ्फरनगर से खरीदा तमंचा
इस हत्याकांड को अंजाम देने से पहले आरोपी ने बेहद शातिराना तरीके से पूरी प्लानिंग की थी:
- तमंचे का इंतजाम: आरोपी विवेक मुजफ्फरनगर गया और वहां से करीब 10 हजार रुपये में एक तमंचा और कई कारतूस खरीदे।
- 5 दिनों की रेकी: वारदात से पहले करीब पांच दिनों तक वह गणेशपुर और सुभाषनगर के चक्कर काटता रहा। उसने बहनों के आने-जाने के समय, रास्तों और सुरक्षित ठिकानों का पूरा अंदाजा लगाया।
- सटीक समय का चयन: मंगलवार देर शाम जब उसे मौका मिला, तो उसने पहले गणेशपुर सेक्टर रोड पर बड़ी बहन संगीता को गोली मारी और महज 10 से 15 मिनट के भीतर सुभाषनगर में दूसरी बहन पुष्पा को गोलियों से भून दिया।
इस हमले के दौरान पुष्पा के साथ मौजूद जीजा संदीप को भी गोलियां लगीं, जिनका इलाज जारी है।
नकल विरोधी कानून में 13 महीने जेल में रहा था आरोपी विवेक
पुलिस जांच में विवेक के आपराधिक अतीत से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। रुड़की के मालवीय चौक पर कोचिंग सेंटर चलाने वाला विवेक वर्ष 2023 में नकल विरोधी कानून के तहत कनखल से जेल जा चुका था।
वह करीब 13 महीने तक जेल में बंद रहा, जहां उसका संपर्क कई आपराधिक किस्म के लोगों से हुआ। जेल से छूटने के बाद उसके स्वभाव और व्यवहार में काफी उग्रता आ गई थी, जिसके चलते वह छोटी-छोटी बातों पर हिंसक हो जाता था।
पुलिस जांच पर उठते सवाल: तमंचे से 7 राउंड फायरिंग कैसे हुई?
हालाँकि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर Roorkee Sisters Murder Case की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है, लेकिन स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों के मन में कई सवाल अभी भी कौंध रहे हैं:
- फायरिंग की गति: देसी तमंचे से कुल 7 राउंड गोलियां चलाई गईं—दो संगीता को, दो पुष्पा को, दो संदीप को और एक मिस फायर हुई।
- रीलोडिंग का रहस्य: एक सिंगल-शॉट तमंचे में इतनी जल्दी-जल्दी कारतूस कैसे रीलोड किए गए, इसका संतोषजनक जवाब पुलिस अभी तक नहीं दे पाई है।
तीसरी बहन का घर टूटने का डर बना हत्या की वजह
विवेक की कुल तीन बहनें थीं। संगीता और पुष्पा दोनों अपने-अपने पतियों से अलग होकर अपनी जिंदगी जी रही थीं। विवेक ने पुलिस को बताया कि उसे डर था कि उसकी दोनों बहनें कहीं सबसे छोटी शादीशुदा बहन को भी अपने झांसे में न ले लें और उसका घर भी बर्बाद न कर दें। इसी आशंका और सामाजिक ताने से परेशान होकर उसने अपनी ही बहनों को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी विवेक को जेल भेज दिया है और मामले में फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
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