रुड़की |
धर्मनगरी के द्वार रुड़की से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने न केवल स्थानीय निवासियों को झकझोर दिया है, बल्कि आधुनिक समाज की संवेदनहीनता पर भी एक गहरा घाव किया है। रुड़की-कलियर रोड पर पुरानी गंगनहर के किनारे सोमवार की सुबह एक मासूम भ्रूण लावारिस हालत में पड़ा मिला। कूड़े के ढेर में फेंका गया यह भ्रूण लाल कपड़े में लिपटा हुआ था, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई और हर कोई इस घृणित कृत्य की निंदा करता नजर आया।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार सुबह करीब आठ बजे का समय था, जब कलियर-रुड़की रोड स्थित पुल के पास से गुजर रहे राहगीरों की नजर गंगनहर किनारे पड़े कूड़े के ढेर पर पड़ी। वहां एक लाल रंग का कपड़ा पड़ा था, जिससे एक छोटा सा हाथ बाहर निकला हुआ दिखाई दे रहा था। कौतूहल और अनहोनी की आशंका के चलते जब राहगीर पास पहुंचे और कपड़े को थोड़ा हटाया, तो अंदर का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कपड़े के भीतर एक भ्रूण लिपटा हुआ था। देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई और मौके पर सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
मौके पर पहुंची पुलिस और डॉक्टरों का खुलासा
घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। थाना प्रभारी रविंद्र कुमार अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने भ्रूण को अपने कब्जे में लेकर जांच के लिए रुड़की के सिविल अस्पताल भिजवाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद पुष्टि की कि यह लगभग चार माह का भ्रूण है। चिकित्सा रिपोर्ट और भ्रूण की स्थिति को देखते हुए यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इसे देर रात या अलसुबह अंधेरे का फायदा उठाकर वहां फेंका गया होगा।
मानवता को झकझोर देने वाला दृश्य
मौके पर जमा लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और दुख देखा गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि जिस मासूम को जन्म के बाद मां की ममता, सुरक्षा और स्नेह मिलना चाहिए था, उसे किसी ने निर्दयतापूर्वक कूड़े के ढेर में लावारिस छोड़ दिया। यह घटना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि मानवता के नाम पर एक बड़ा कलंक भी है। भीड़ में मौजूद महिलाओं ने इस कृत्य को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की जांच और सीसीटीवी पर नजर
थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सघन जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस अब उस क्षेत्र के आसपास लगे सभी सरकारी और निजी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस को उम्मीद है कि फुटेज के जरिए उस व्यक्ति या वाहन की पहचान हो सकेगी, जिसने इस भ्रूण को वहां लाकर फेंका। इसके अलावा, पुलिस आसपास के निजी क्लीनिकों और अस्पतालों का भी रिकॉर्ड खंगाल सकती है ताकि हाल ही में हुए गर्भपात या संबंधित मामलों की जानकारी मिल सके।
एक सामाजिक चिंता
रुड़की जैसी जगह पर, जो अपनी शिक्षा और संस्कृति के लिए जानी जाती है, वहां इस तरह की घटना का होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या आज भी समाज में कन्या भ्रूण हत्या या अवैध संबंधों को छिपाने के लिए मासूमों की बलि दी जा रही है? कूड़े के ढेर में मिला यह अंश इस बात का प्रमाण है कि कानून की सख्ती के बावजूद कुछ लोग आज भी लोक-लाज या अन्य कारणों से इस तरह के जघन्य अपराध करने से नहीं हिचक रहे हैं।
फिलहाल, पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन को अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्त निगरानी रखने की आवश्यकता की याद दिला दी है।
इंसानियत शर्मसार: रुड़की में कूड़े के ढेर में मिला लाल कपड़े में लिपटा मासूम का भ्रूण, गंगनहर किनारे मची सनसनी
On: March 3, 2026 8:44 AM










