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रामनगर से कैंची धाम के लिए नया टू-लेन मोटर मार्ग, यात्रियों को जाम से मिलेगी राहत

On: April 26, 2025 9:52 AM
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रामनगर: उत्तराखंड घूमने आने वाले पर्यटकों और कैंची धाम के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। आने वाले समय में श्रद्धालु बिना किसी जाम के रामनगर से सीधे कैंची धाम तक पहुंच सकेंगे। अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा, तो जल्द ही श्रद्धालुओं को न केवल जाम से राहत मिलेगी, बल्कि उनकी यात्रा में समय की भी बचत होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामनगर से कैंची धाम को जोड़ने वाले नए टू-लेन मोटर मार्ग के निर्माण की घोषणा की है। यह सड़क रामनगर से होकर भंडारपानी, बेतालघाट होते हुए सीधे कैंची धाम तक जाएगी। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अनुसार, इस सड़क की कुल लंबाई लगभग 87 किलोमीटर प्रस्तावित है। सड़क निर्माण पूरा होने के बाद यात्रा बेहद सुगम और सुविधाजनक हो जाएगी।

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विजय कुमार ने जानकारी दी कि इस नए मार्ग के बन जाने से नैनीताल, हल्द्वानी और भवाली जैसे इलाकों में अक्सर लगने वाले जाम से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। इसके साथ ही कैंची धाम और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुंचने में भी समय की बचत होगी।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना में रामनगर, रानीखेत और नैनीताल डिवीजन की संयुक्त भूमिका रहेगी। रामनगर डिवीजन के पास 44.25 किलोमीटर, नैनीताल डिवीजन के पास 30.5 किलोमीटर और रानीखेत डिवीजन के हिस्से में लगभग 2 किलोमीटर सड़क का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त, करीब 10.25 किलोमीटर का हिस्सा नेशनल हाईवे के दायरे में आएगा।

अधिशासी अभियंता विजय कुमार ने बताया कि इस सड़क पर कुल सात बड़े पुलों का भी निर्माण प्रस्तावित है, जिससे यात्रा और अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगी। वर्तमान में अगर कोई पर्यटक देहरादून या दिल्ली से रामनगर पहुंचता है और कैंची धाम या अल्मोड़ा जाना चाहता है, तो उसे हल्द्वानी होते हुए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। लेकिन इस नए मार्ग के बनने से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी।

वर्तमान में रामनगर से हल्द्वानी होते हुए कैंची धाम जाने में 87 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। नए भंडारपानी मोटर मार्ग के निर्माण के बाद यात्रियों को हल्द्वानी होकर नहीं जाना पड़ेगा और उनकी यात्रा काफी सहज हो जाएगी।

विजय कुमार ने आगे बताया कि प्रस्तावित मार्ग वन भूमि और नाप भूमि से होकर गुजरेगा। इस परियोजना के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) और सर्वे कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सर्वे कार्य पर ही एक करोड़ रुपए से अधिक की लागत आने की संभावना है, जिसके लिए विभाग ने शासन से धनराशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया है।

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