अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

रामनगर: कॉर्बेट पार्क में फिर से शुरू हो सकती है फुल डे सफारी, पर्यटकों में बढ़ी उम्मीदें

On: August 27, 2025 11:34 AM
Follow Us:

रामनगर से बड़ी खबर सामने आ रही है। विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से लंबे समय बाद एक बार फिर फुल डे सफारी शुरू किए जाने की संभावना बन रही है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा है। माना जा रहा है कि उच्च अधिकारियों की मंजूरी मिलते ही यह व्यवस्था लागू की जा सकती है।

क्यों बढ़ी फुल डे सफारी की मांग?

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क देश-विदेश के पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण रहा है। हर साल यहां लाखों सैलानी सिर्फ वन्यजीवों की झलक पाने और प्रकृति का अनुभव करने पहुंचते हैं। पार्क की जैवविविधता अनोखी है—

यहां 260 से अधिक बाघ

करीब 1200 हाथी

तेंदुए, भालू, हिरण

मगरमच्छ, घड़ियाल

सैकड़ों पक्षी प्रजातियां और असंख्य कीट-पतंगे पाए जाते हैं।

यही वजह है कि पर्यटक अक्सर पूरे दिन जंगल का नजारा लेना चाहते हैं।

स्थानीयों और कारोबारियों की पुरानी मांग

स्थानीय वन्यजीव प्रेमी संजय छिम्वाल बताते हैं कि उनकी लंबे समय से मांग रही है कि पार्क में फुल डे सफारी दोबारा शुरू हो। उन्होंने याद दिलाया कि 2015 से पहले, जब ऑनलाइन परमिट की व्यवस्था नहीं थी, तब कुछ जोनों में पूरे दिन सफारी संभव थी। लेकिन बाद में यह बंद कर दी गई।

अब पर्यटकों के साथ-साथ पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों की भी यही मांग है कि इसे फिर से शुरू किया जाए। उनका मानना है कि इससे पर्यटक अधिक समय जंगल में बिता सकेंगे और विभाग को राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।

अभी कैसी है सफारी व्यवस्था?

वर्तमान में कॉर्बेट पार्क के पर्यटन जोनों में सफारी केवल दो पालियों में कराई जाती है—

सुबह की सफारी: सूर्योदय से पहले शुरू होकर सुबह 10 बजे तक।

शाम की सफारी: दोपहर बाद से सूर्यास्त तक।

इस कारण पर्यटक केवल कुछ घंटों तक ही जंगल का आनंद ले पाते हैं।

कॉर्बेट प्रबंधन की राय

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि कारोबारियों और पर्यटकों की यह पुरानी मांग है कि सीमित संख्या में गाड़ियों को पूरे दिन सफारी की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि देश के कई टाइगर रिजर्व में पहले से ही यह व्यवस्था लागू है।

उनके अनुसार, प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और सक्षम स्तर से हरी झंडी मिलने पर इसे जल्द ही लागू किया जा सकेगा।

क्या होगी नई व्यवस्था?

अगर मंजूरी मिलती है तो—

कुछ चुनिंदा जोनों में

सीमित संख्या में जिप्सियों को

पूरे दिन जंगल में घूमने की अनुमति मिलेगी।

इसका उद्देश्य होगा:

प्रकृति और वन्यजीवों से गहराई से जुड़ाव चाहने वाले पर्यटकों को अधिक समय देना।

पार्क प्रशासन को अतिरिक्त राजस्व उपलब्ध कराना।

पर्यटन कारोबार को नई दिशा देना, जिससे स्थानीय लोगों को भी फायदा पहुंचे।

हालांकि विभाग का कहना है कि इस दौरान पर्यावरणीय संतुलन और वन्यजीव संरक्षण पर खास ध्यान दिया जाएगा। गाड़ियों की संख्या नियंत्रित रखी जाएगी ताकि जंगल और जानवरों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

पर्यटकों में उत्साह

फुल डे सफारी की खबर ने पर्यटकों और कारोबारियों को रोमांचित कर दिया है। उनका मानना है कि यह कदम न केवल कॉर्बेट पार्क की लोकप्रियता बढ़ाएगा, बल्कि खासतौर से विदेशी पर्यटकों के लिए यह बड़ा आकर्षण साबित होगा। वे अक्सर कई दिनों तक यहां ठहरते हैं और पूरे दिन जंगल की सैर उनके लिए खास अनुभव होगा।

निष्कर्ष

कॉर्बेट नेशनल पार्क सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का गौरव है। यहां हर साल आने वाले लाखों पर्यटक न सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हैं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के महत्व को भी समझते हैं।

यदि फुल डे सफारी फिर से शुरू होती है, तो यह पर्यटकों, कारोबारियों और राज्य सरकार—तीनों के लिए फायदेमंद सौदा साबित होगी।

यह भी पढें- सीएम धामी ने किया उत्तरकाशी का दौरा, स्यानाचट्टी में प्रभावित परिवारों से मिले

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment