जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पहलगाम इलाके में मंगलवार को हुए भीषण आतंकवादी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। बैसरन क्षेत्र में हुए इस हमले में 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई, जिनमें अधिकतर पर्यटक शामिल थे। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है।
घटना के बाद भारत की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पाकिस्तान ने हमले से किसी भी तरह के संबंध से इनकार करते हुए भारत पर ही अपने ही देश में अशांति फैलाने के आरोप लगाए हैं।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने दिया विवादित बयान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने लाइव 92 न्यूज़ चैनल पर बयान देते हुए कहा, “पाकिस्तान का इस हमले से कोई लेना-देना नहीं है। यह सब भारत के अंदर ही शुरू हुआ है। भारत के कई राज्यों में सरकार के खिलाफ आंदोलनों की लहर चल रही है – चाहे वह नगालैंड हो, छत्तीसगढ़, कश्मीर या मणिपुर।”
उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान किसी भी तरह के आतंकवाद या निर्दोष लोगों को निशाना बनाए जाने का समर्थन नहीं करता है, लेकिन जब किसी आंदोलन को हथियार के जरिए कुचला जाता है, तो इसका दोष पाकिस्तान पर मढ़ देना आसान हो जाता है।
भारत पर लगाए गंभीर आरोप
ख्वाजा आसिफ ने यह भी दावा किया कि भारत खुद पाकिस्तान के बलूचिस्तान और अन्य इलाकों में अशांति फैलाने में संलिप्त है। उन्होंने कहा, “हमने कई बार सबूत पेश किए हैं कि भारत ने पाकिस्तान में अशांति फैलाने की कोशिश की है। यह कोई नई बात नहीं है।”
आसिफ ने भारतीय सरकार पर अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हिंदुत्ववादी ताकतें अल्पसंख्यकों का दमन कर रही हैं – चाहे वे मुसलमान हों, ईसाई हों या बौद्ध। इसी उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है और यही आंदोलन की वजह है।”
हमले का असर और अगला कदम
बैसरन, जो कि ‘मिनी स्विट्ज़रलैंड’ के नाम से प्रसिद्ध है, हमेशा से पर्यटकों का पसंदीदा स्थल रहा है। इतनी बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत से घाटी में फिर एक बार डर और दहशत का माहौल बन गया है।
अब यह देखना बाकी है कि भारत सरकार इस हमले और पाकिस्तान के बयानों पर क्या कदम उठाती है। देश भर में इस नृशंस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और जवाब की मांग भी तेज़ होती जा रही है।








