अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

बारिश का प्रकोप: कुमाऊं के जंगलों में मची तबाही, बाघ-तेंदुए की मौत से पसरा सन्नाटा

On: September 18, 2025 6:18 AM
Follow Us:

तेज बारिश और बाढ़ ने जहां इंसानी बस्तियों को तबाह किया है, वहीं कुमाऊं के जंगल भी इसकी चपेट से अछूते नहीं रहे। आसमान से बरसी आफत ने जंगलों में भारी तबाही मचाई है। बाघ, तेंदुए और हाथी जैसे वन्यजीव प्राकृतिक आपदा के सामने बेबस नजर आए और कई ने अपनी जान गंवा दी। अधिकारी इस आपदा में वन्यजीवों की मौत के पीछे की असल वजहों की जांच कर रहे हैं।

बरसात में अक्सर वन्यजीव अपने सुरक्षित वासस्थलों से उखड़ जाते हैं और उफनती नदियों व नालों में बह जाते हैं। इस बार भी कई दुखद घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने जंगल को शोकाकुल कर दिया।

प्राकृतिक आपदा का शिकार बने वन्यजीव

पिछले वर्षों में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और अन्य वन क्षेत्रों में वन्यजीवों की मौत आपसी संघर्ष के कारण होती रही है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। भारी बरसात और बादल फटने जैसी घटनाओं के बाद नालों और नदियों का बहाव इतना तेज रहा कि कई वन्यजीव उसकी चपेट में आ गए। हालांकि बादल फटने की घटनाओं में वन्यजीवों की मौत कम देखने को मिलती है, मगर हालिया हादसों ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

हाल की बड़ी घटनाएं

केस 1:
4 सितंबर को बाजपुर की लेवड़ा नदी में पुल के नीचे घायल तेंदुआ मिला। उसके शरीर पर गहरे चोट के निशान थे। आशंका जताई गई कि तेज बहाव में बहकर वह घायल हुआ।

केस 2:
6 सितंबर को कोटद्वार के पास मालन नदी में हाथी का बच्चा बह गया। गनीमत रही कि वन विभाग की टीम ने उसे बचा लिया। हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया था, लेकिन किस्मत ने साथ दिया।

केस 3:
9 सितंबर को चंपावत के टनकपुर इलाके में बरसाती नाले से तेंदुए का शव बरामद हुआ। माना जा रहा है कि बहने से उसकी मौत हुई। हालांकि रिपोर्ट आना बाकी है।

केस 4:
8 सितंबर को रामनगर वन प्रभाग के कालाढूंगी क्षेत्र के चकलुआ बीट में सात साल का बाघ मृत अवस्था में नाले में मिला। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि घायल बाघ आपदा का सामना नहीं कर पाता और तेज बहाव में बहकर उसकी मौत हो जाती है।

सामने आए वीडियो और तस्वीरें

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटी कोसी नदी में भी वन्यजीवों की परेशानी सामने आई। 3 सितंबर को नदी के बीच टीले पर पांच हिरण फंसे देखे गए। वहीं, 4 सितंबर को रामनगर वन प्रभाग के मोहान क्षेत्र में नदी में बहते हुए दो हाथियों को बचाया गया।

विशेषज्ञों की राय

वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर दीप रजवार का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं से सबसे ज्यादा नुकसान सरीसृपों और कमजोर वन्यजीवों को होता है। घायल और बूढ़े बाघ या तेंदुए आपदा का सामना नहीं कर पाते और बहाव में बह जाते हैं। दुर्भाग्य है कि इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा।

वहीं, पीसीसीएफ (हॉफ वाइल्ड लाइफ) रंजन कुमार मिश्रा का कहना है कि मानसून में वन्यजीवों के वासस्थल प्रभावित होते हैं, जिससे उनके हताहत होने का खतरा बढ़ता है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक रिकॉर्ड ऐसा सामने नहीं आया है जिसमें वन्यजीवों की मौत को सीधे दैवीय आपदा से जोड़ा गया हो।

यह भी पढें- Dehradun :पहाड़ों में पिता का साहस: बंद रास्तों और खराब मौसम के बीच 18 किलोमीटर दौड़कर बचाई बेटे की जान

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

विकासनगर पुलिस कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए पीड़ित पिता और फोन-पे ट्रांजैक्शन का विवरण।

विकासनगर में सनसनी: नाबालिग किशोरी का अपहरण, फोन-पे ट्रांजैक्शन से खुला साजिश का राज, तीन पर मुकदमा

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सीएम धामी द्वारा स्वागत

उत्तराखंड दौरे पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन: जौलीग्रांट में भव्य स्वागत के बाद एम्स ऋषिकेश पहुंचे, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

रुद्रप्रयाग में भीषण सड़क हादसा: भीरी-ककोला मार्ग पर 250 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन, तीन युवकों की दर्दनाक मौत

सीएम पुष्कर सिंह धामी कुठालगेट मसूरी रोड पर पुल निर्माण का निरीक्षण करते हुए |

ग्राउंड जीरो पर धामी: मसूरी रोड के जाम को मात देने के लिए खुद संभाली कमान

* मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के समारोह में।

​’हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गूँजी केदार घाटी: वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले बाबा केदार के कपाट, सीएम धामी ने की पहली पूजा

देहरादून में शराब की दुकान के पास घायल युवक और पुलिस जांच की प्रतीकात्मक तस्वीर

देहरादून में ‘प्रहार’ और ‘स्ट्राइक’ फेल! शराब की दुकान के बाहर अस्पतालकर्मी पर जानलेवा हमला, कांच की बोतल से रेता गला

Leave a Comment