अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का उत्तराखंड दौरा: हरिद्वार पहुंचकर पतंजलि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हुईं सम्मिलित

On: November 2, 2025 8:12 AM
Follow Us:

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु तीन दिवसीय उत्तराखंड प्रवास पर रविवार को देहरादून पहुंचीं। यह दौरा राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने और नैनीताल राजभवन के 125वें वर्षगांठ जैसे महत्वपूर्ण अवसरों से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रपति मुर्मु अपने इस दौरे के दौरान हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और अल्मोड़ा में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगी।
रविवार सुबह लगभग सवा दस बजे राष्ट्रपति मुर्मु विशेष विमान से देहरादून एयरपोर्ट पहुंचीं, जहां राज्यपाल और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह हेलीकॉप्टर से हरिद्वार स्थित पतंजलि विश्वविद्यालय पहुंचीं। यहां उन्होंने विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। समारोह में राष्ट्रपति ने स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सामूहिक फोटो सेशन भी हुआ।
दीक्षांत समारोह के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु हरिद्वार से देहरादून के लिए रवाना हुईं, जहां निकेतन में आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक और औपचारिक कार्यक्रमों में शामिल होकर रात्रि विश्राम करेंगी।
सोमवार को राष्ट्रपति राज्य स्थापना दिवस की सिल्वर जुबली के उपलक्ष्य में उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र को सुबह 11 बजे संबोधित करेंगी। इस दौरान वह राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं पर अपने विचार साझा करेंगी।
इसके बाद सोमवार शाम साढ़े पांच बजे वह नैनीताल पहुंचेंगी, जहां राजभवन की स्थापना के 125 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह में भाग लेंगी।
अपने दौरे के तीसरे दिन, मंगलवार को राष्ट्रपति मुर्मु अल्मोड़ा जिले के प्रसिद्ध कैंचीधाम स्थित बाबा नीब करौरी आश्रम में दर्शन करेंगी। इसके बाद अपराह्न तीन बजे वह कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के दीक्षांत समारोह में शामिल होकर छात्रों को आशीर्वाद देंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह दौरा न केवल उत्तराखंड के लिए गौरव का अवसर है, बल्कि राज्य के शैक्षणिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को भी उजागर करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment