काशीपुर में एक व्यक्ति ने खटीमा तैनात पटवारी राजकुमार पर उसके बेटे को नौकरी दिलाने के नाम पर 12 लाख रुपये ठगने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्राम बरखेड़ा पांडेय, काशीपुर निवासी शांति प्रसाद पुत्र शिवचरन ने आईटीआई थाना पुलिस को तहरीर दी कि 14 अप्रैल 2023 को उन्होंने थाना आईटीआई और पुलिस अधीक्षक उधम सिंह नगर को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि राजकुमार पुत्र सुरेश, निवासी थाना डिलारी (मुरादाबाद) ने उनके पुत्र की नौकरी लगवाने के नाम पर 12 लाख रुपये ले लिए। इस पर काशीपुर के क्षेत्रीय पुलिस अधीक्षक ने राजकुमार को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ। बाद में पैगा चौकी प्रभारी ने 12 अक्टूबर 2024 को उपजिलाधिकारी खटीमा को पत्र भेजकर बयान के लिए बुलाया।
शांति प्रसाद का आरोप है कि इसके बाद राजकुमार ने अपने सहयोगी राजवीर सिंह निवासी ग्राम रहमापुर, जसपुर के माध्यम से समझौते और रुपये लौटाने का संदेश भिजवाया। 29 अक्टूबर 2024 को ग्राम प्रधान धीमरखेड़ा की मौजूदगी में, राजकुमार ने प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक शाखा विठुआठेर (मुरादाबाद) का 4 लाख 50 हजार रुपये का चेक उनके पुत्र उदयराज सिंह के नाम पर दिया और शेष राशि बाद में देने की बात कही।
कुछ समय बाद राजकुमार और राजवीर सिंह फिर आए और 50 हजार रुपये नकद तथा 4 लाख का दूसरा चेक देकर, पहले वाला साढ़े चार लाख रुपये का चेक वापस ले गए। जब चेक की जांच की गई तो वह प्रवीन कुमार के नाम से ग्राम धमार, तहसील रोहतक शाखा का निकला। शांति प्रसाद का कहना है कि जब उन्होंने इस बारे में राजकुमार से बात की, तो उसने भुगतान से इनकार कर दिया और कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
पीड़ित ने पुलिस से राजकुमार और उसके सहयोगी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और रुपये वापस दिलाने की मांग की है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने राजकुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 और बीएनएस की धारा 351(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह भी पढें- रुड़की में दिनदहाड़े सैनेट्री कारोबारी के बेटे को गोली, CCTV में कैद हुई वारदात






