नई दिल्ली/तेल अवीव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इजरायल की एक महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत की, जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में हलचल मचा दी। उनकी इस यात्रा का एक दिलचस्प पहलू यह रहा कि उनके विमान की उड़ान को दुनिया भर में लाखों लोगों द्वारा लाइव ट्रैक किया गया, जिससे यह उस दिन सबसे ज्यादा देखी जाने वाली उड़ानों में से एक बन गई। यह घटना प्रधानमंत्री की वैश्विक प्रोफाइल और उनकी यात्राओं के प्रति बढ़ती सार्वजनिक रुचि को दर्शाती है।
अभूतपूर्व ट्रैकिंग डेटा
विमानों की आवाजाही को ट्रैक करने वाले अग्रणी प्लेटफॉर्म ‘फ्लाइटरडार’ (Flightradar24) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार शाम पौने चार बजे जब पीएम मोदी की विशेष उड़ान सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र से जॉर्डन में प्रवेश कर रही थी, उस समय इसे रिकॉर्ड तोड़ 7,184 लोग एक साथ लाइव ट्रैक कर रहे थे। यह आंकड़ा किसी राष्ट्राध्यक्ष की यात्रा के लिए अभूतपूर्व है और यह दर्शाता है कि दुनिया भर के लोग इस यात्रा को कितनी उत्सुकता से देख रहे थे। तकनीकी रूप से यह एक असाधारण क्षण था, जब डिजिटल प्लेटफॉर्म ने भू-राजनीतिक महत्व की घटना को वास्तविक समय में आम जनता तक पहुंचाया।
पीएम मोदी का इजरायल पहुंचने का मार्ग
भू-राजनीतिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री मोदी के विमान ने एक विशेष मार्ग अपनाया। विमान ने पाकिस्तान और ईरान के हवाई क्षेत्रों से बचने का विकल्प चुना, जो दोनों ही भारत के साथ जटिल संबंधों वाले देश हैं। इसके बजाय, ‘एअर इंडिया वन’ ने नई दिल्ली के पालम एयर फोर्स स्टेशन से उड़ान भरी और गुजरात के ऊपर से होते हुए अरब सागर को पार किया। वहां से, यह ओमान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया, फिर सऊदी अरब और जॉर्डन से होते हुए इजरायल की सीमा में दाखिल हुआ। अंततः, विमान इजरायल के तेल अवीव स्थित बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित रूप से उतरा। यह मार्ग न केवल सुरक्षा कारणों से महत्वपूर्ण था, बल्कि यह भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और क्षेत्रीय भू-राजनीति में उसकी स्थिति को भी रेखांकित करता है।
’एअर इंडिया वन’: भारत का सुरक्षा कवच
प्रधानमंत्री मोदी जिस विमान से इजरायल पहुंचे, वह ‘एअर इंडिया वन’ बेड़े का हिस्सा है। ये विमान भारत सरकार के सबसे सुरक्षित और उन्नत विमानों में से एक हैं, जिन्हें विशेष रूप से प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति जैसे उच्च पदाधिकारियों की यात्राओं के लिए डिज़ाइन किया गया है। ‘एअर इंडिया वन’ विमान अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणालियों से लैस होते हैं, जिनमें उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणाली (missile defense systems), इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (electronic warfare suites) और सुरक्षित संचार प्रणाली (secure communication systems) शामिल हैं। ये विमान एक चलते-फिरते कमांड सेंटर के रूप में कार्य करते हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में भी शीर्ष नेतृत्व लगातार संपर्क में रह सकता है और निर्णय ले सकता है। इस विमान में आरामदायक लाउंज, कॉन्फ्रेंस रूम और मेडिकल सुविधाएं भी होती हैं, जो लंबी दूरी की यात्राओं को आसान बनाती हैं। आमतौर पर, भारत से इजरायल की सीधी उड़ान में लगभग 6-7 घंटे का समय लगता है, लेकिन ‘एअर इंडिया वन’ जैसी सुविधाओं से युक्त विमान में यह यात्रा आरामदायक और सुरक्षित रहती है।
यात्रा का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का प्रतीक है। यह यात्रा कृषि, रक्षा, प्रौद्योगिकी और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर केंद्रित है। दोनों देशों के नेताओं के बीच होने वाली बातचीत से नए समझौतों और साझेदारी की उम्मीद है, जो द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाएगी। इस यात्रा को मध्य पूर्व की बदलती भू-राजनीतिक स्थिति में भी भारत की सक्रिय भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। पीएम मोदी की यात्रा का लाइव ट्रैकिंग डेटा न केवल एक तकनीकी उपलब्धि थी, बल्कि इसने वैश्विक मंच पर भारत और उसके नेतृत्व की बढ़ती उपस्थिति को भी उजागर किया।
इजरायल पहुंचे PM मोदी: दुनिया में सबसे ज्यादा ट्रैक किया गया पीएम मोदी का विमान, लाखों लोगों ने देखा लाइव
On: February 25, 2026 12:22 PM






