उत्तराखंड सरकार ने राज्य में नए शहर बसाने के लिए नीतिगत बदलावों और धरातलीय तैयारियों को तेज़ कर दिया है। ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड परियोजनाओं के तहत कुल 22 स्थानों का चयन किया गया है। इनमें से बिलकेदार (पौड़ी) और बमौथ (चमोली) का टोपोग्राफी सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और तकनीकी दस्तावेज उत्तराखंड एकीकृत अवसंरचना विकास बोर्ड (UIIDB) को सौंप दिए गए हैं।
नए शहरों की आवश्यकता
पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ती शहरी आबादी और राज्य में प्रवासियों की वापसी के कारण नए शहरी केंद्रों की मांग बढ़ी है। ऐसे क्षेत्रों में जहां पहले कोई शहरी विकास नहीं हुआ था, वहां आधुनिक, पर्यावरण-संवेदनशील और आपदा-रोधी शहर बसाने की संभावनाएं हैं। वहीं पुराने शहरों में जाम, पार्किंग, सीवरेज, आवासीय दबाव और यातायात जैसी समस्याओं के समाधान के लिए पुनर्विकास जरूरी हो गया है।
नई टाउनशिप और लैंड पॉलिंग नीति
चुने गए स्थानों का विकास नई टाउनशिप नीति के तहत किया जाएगा। नई लैंड पूलिंग नीति इन शहरों की आधारशिला होगी। इस नीति के तहत:
• भूमि अधिग्रहण की बजाय स्वैच्छिक साझेदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।
• बड़े भूखंड एकसाथ उपलब्ध होने से डेवलपर्स को आकर्षित करना आसान होगा।
• पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) और डेवलपर आधारित मॉडल के जरिए विकास किया जाएगा।
• क्लस्टर आधारित योजनाओं के माध्यम से शहरों को व्यवस्थित ढंग से बसाया जाएगा।
निजी क्षेत्र की भागीदारी
राज्य सरकार नए शहरों को शून्य बजट पर विकसित करने की योजना बना रही है। इसमें सरकारी निवेश की जगह भूमि को पूंजी के रूप में प्रयोग किया जाएगा। डेवलपर्स भूखंड का विकास करेंगे और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप व जॉइंट वेंचर मॉडल का उपयोग किया जाएगा, ताकि निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता का लाभ उठाया जा सके।
पहले चरण में बसेंगे ये 10 शहर
पहले चरण में निम्नलिखित 10 स्थानों पर नए शहरों का विकास किया जाएगा:
• बिलकेदार
• सहसपुर
• रोशनाबाद
• बमौथ
• टिहरी-चंबा न्यू टाउनशिप जोन
• कोटद्वार साउथ
• सितारगंज-एग्रो–लॉजिस्टिक क्लस्टर
• काशीपुर-बाजपुर संयुक्त शहरी क्षेत्र
• हरिद्वार उत्तरी रिंग रोड
• ऋषिकेश-नरेंद्रनगर टाउनशिप
इन स्थानों पर विस्तृत मास्टर प्लान और विकास मॉडल की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
दूसरे चरण में 12 नए शहर
दूसरे चरण में 12 अतिरिक्त स्थानों पर नए शहर बसाने की योजना है। चयनित स्थान हैं:
• धनोल्टी
• मुनस्यारी
• अल्मोड़ा ईस्ट-बाईपास
• पिथौरागढ़ का दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र
• भीमताल से सितारगंज के मध्य
• रानीखेत बाईपास
• रामनगर टाउन एक्सटेंशन
• देहरादून-डोईवाला
• कर्णप्रयाग
• भटवाड़ी
• ऊधमसिंह नगर न्यू इंडस्ट्रियल टाउन
• लाखामंडल-त्यूणी
ये स्थान प्री-फिजिबिलिटी स्टडी, GIS विश्लेषण और नगर एवं ग्रामीण नियोजन विभाग के सुझावों के आधार पर चुने गए हैं।
आर मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव आवास, के अनुसार:
“नए शहरों की स्थापना के लिए नीतिगत और धरातलीय दोनों स्तरों पर काम किया जा रहा है। टोपोग्राफी सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्ययोजना बनाई जा रही है।”
उत्तराखंड में नए शहरों की योजना तेज़, UIIDB को सौंपा टोपोग्राफी सर्वेक्षण
On: December 12, 2025 7:52 AM








