पौड़ी गढ़वाल से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है, जहां राष्ट्रीय राजमार्ग-534 (कोटद्वार-सतपुली मार्ग) पर ऑल वेदर रोड के निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। रविवार दोपहर को सतपुली मल्ली के समीप पहाड़ी से अचानक एक विशालकाय बोल्डर (भारी पत्थर) नीचे से गुजर रही बोलेरो कार पर आ गिरा। इस भीषण हादसे में वाहन सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग मलबे और वाहन के बीच बुरी तरह फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वाहन में फंसे घायलों को निकालने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) को कटर मशीन तक मंगवानी पड़ी।
सतपुली मल्ली के पास हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर को एक बोलेरो वाहन कोटद्वार से सतपुली की ओर जा रहा था। इसी दौरान गुमखाल और सतपुली के बीच सतपुली मल्ली के पास ऑल वेदर रोड का निर्माण कार्य चल रहा था। पहाड़ी को काटने और सड़क चौड़ीकरण के काम के कारण वहां का हिस्सा काफी संवेदनशील बना हुआ था। जैसे ही बोलेरो वाहन इस क्षेत्र से गुजरा, अचानक पहाड़ी के ऊपरी हिस्से से एक भारी-भरकम बोल्डर सीधे वाहन की छत को चीरता हुआ अंदर जा गिरा। बोल्डर गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के खेतों और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों में हड़कंप मच गया।
गाड़ी के उड़े परखच्चे, एक की मौके पर ही मौत
पहाड़ी से गिरे इस भारी बोल्डर के दबाव के कारण बोलेरो वाहन पूरी तरह से पिचक गया और उसके परखच्चे उड़ गए। वाहन में सवार तीन लोगों में से एक व्यक्ति की बोल्डर की चपेट में आने से घटनास्थल पर ही मौत हो गई। भारी पत्थर और क्षतिग्रस्त वाहन के मलबे के बीच चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और पुलिस व प्रशासन को इस दुर्घटना की सूचना दी।
प्रशासन और SDRF की त्वरित कार्रवाई, कटर मशीन से काटा वाहन
दुर्घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमें तुरंत घटना स्थल पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य को युद्ध स्तर पर शुरू किया गया।
• एक घायल को भेजा गया अस्पताल: स्थानीय निवासियों और पुलिस की जांबाजी के कारण वाहन में दबे एक घायल व्यक्ति को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत नजदीकी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
• कटर मशीन का लिया गया सहारा: बोलेरो के भीतर दूसरे घायल व्यक्ति की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी। वह वाहन के मुड़े हुए लोहे के हिस्सों के बीच इस कदर फंसा हुआ था कि उसे सामान्य तरीके से निकालना असंभव था। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने तुरंत कटर मशीन मंगवाई। समाचार लिखे जाने तक कटर मशीन से वाहन के हिस्सों को काटकर दूसरे गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
यातायात हुआ प्रभावित, निर्माण कार्यों पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-534 पर दोनों ओर से वाहनों का लंबा जाम लग गया। सुरक्षा के लिहाज से पहाड़ी से और पत्थर न गिरें, इसके लिए यातायात को कुछ समय के लिए रोक दिया गया। ऑल वेदर रोड निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर भी स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में जब इस तरह के भारी निर्माण कार्य चलते हैं, तो यातायात को नियंत्रित करने या सुरक्षात्मक नेटिंग लगाने की सख्त जरूरत होती है, ताकि बेकसूर राहगीरों की जान जोखिम में न पड़े।
प्रशासन की टीम फिलहाल मृतक की शिनाख्त करने और उनके परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश में जुटी है। इस हादसे ने एक बार फिर उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले मुसाफिरों की सुरक्षा और ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट्स के तहत बरती जा रही सावधानियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।








