उत्तराखंड कैबिनेट ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग में सीधी भर्ती वाले पदों पर आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्ति की अनुमति दे दी है। इस फैसले से वार्ड बॉय से लेकर डॉक्टर तक की भर्ती संभव होगी, साथ ही रेजीडेंट प्रोफेसरों की कमी भी दूर की जा सकेगी।
राज्य सरकार ने कुछ समय पहले सभी विभागों में सीधी भर्ती के पदों पर आउटसोर्स से नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। यह कदम इसलिए उठाया गया था क्योंकि इन पदों पर काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी नियमितीकरण की मांग लेकर अदालत पहुंचने लगे थे, जिससे सरकार को कानूनी और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
इस रोक का सबसे ज्यादा असर स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग पर पड़ा, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर और योग्य प्रोफेसरों की भारी कमी है। कई प्रयासों के बावजूद ये पद भरे नहीं जा सके, जिसके चलते विभागों को आउटसोर्सिंग पर निर्भर रहना पड़ा।
स्वास्थ्य विभाग ने अपनी यह समस्या सरकार के सामने रखी। बुधवार को कैबिनेट बैठक में इस विषय पर चर्चा हुई और निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग में आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती की जा सकेगी। वहीं, अन्य विभागों में ऐसे मामलों के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है, जो आउटसोर्सिंग की आवश्यकता और औचित्य का मूल्यांकन करेगी।






