हाल ही में डीजीएमओ द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक अहम खुलासा हुआ। इसमें बताया गया कि पाकिस्तान ने भारत पर हमला करने के लिए चीन और तुर्किये से मिले आधुनिक हथियारों का प्रयोग किया, जिनमें पीएल-15 मिसाइल और बायकर यीहा-III जैसे कामिकाजे ड्रोन शामिल थे। इन हथियारों का मलबा भी मीडिया के सामने प्रस्तुत किया गया, जिससे यह साबित हुआ कि भारत की रक्षा प्रणाली ने उन्हें हवा में ही निष्क्रिय कर दिया।
पाकिस्तान की योजना थी कि इन हाईटेक हथियारों की मदद से भारतीय क्षेत्रों में तबाही मचाई जाए, लेकिन भारत की सतर्कता और आधुनिक रक्षा प्रणाली ने उनके मंसूबों पर पानी भारतीय सेना और आम नागरिकों को किसी भी हमले में कोई हानि नहीं पहुँची। यह घटना न केवल पाकिस्तान की रणनीति की असफलता को उजागर करती है, बल्कि उसके विदेशी हथियारों की गुणवत्ता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
इस दौरान भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता की तस्वीरें और वीडियो भी सार्वजनिक की गईं। भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों और एयरबेस पर सटीक हमले किए, जिनकी पुष्टि सैटेलाइट इमेज और ग्राउंड इंटेलिजेंस से हुई। यह ऑपरेशन पाकिस्तान की सरहद के भीतर गहराई तक जाकर आतंकी नेटवर्क को तबाह करने में सफल रहा।
इस पूरी कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट है कि भारत न केवल आतंकी खतरों को गंभीरता से लेता है, बल्कि उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में भी सक्षम है। पाकिस्तान का चीन और तुर्किये से हथियार लेकर भारत के खिलाफ साजिश रचना एक बार फिर नाकाम रहा, और भारतीय सेना ने यह साबित कर दिया कि वह हर मोर्चे पर तैयार और सक्षम है।
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