उत्तराखंड सरकार अब हल्द्वानी में बड़ा चिंतन शिविर आयोजित करने जा रही है। यह शिविर 11 से 13 सितंबर तक चलेगा, जिसमें राज्य के विकास को लेकर गहन विचार-विमर्श होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें अधिकारी, विशेषज्ञ और मंत्रियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी।
मसूरी से हुई थी शुरुआत
करीब दो साल पहले मसूरी में पहला चिंतन शिविर आयोजित किया गया था। इस तीन दिवसीय शिविर में मुख्यमंत्री, सभी मंत्री और वरिष्ठ नौकरशाह शामिल हुए थे। शिविर की थीम “सशक्त उत्तराखंड@25” रखी गई थी, जिसमें राज्य के 25 वर्ष पूरे होने तक उसे मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर चर्चा की गई थी।
इन मुद्दों पर हुआ था मंथन
मसूरी शिविर के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ था। इसके साथ ही आने वाले वर्षों के लिए विकास का रोडमैप तैयार करने की दिशा में ठोस सुझाव भी सामने आए थे।
नैनीताल शिविर हुआ था स्थगित
मसूरी के बाद अप्रैल 2023 में नैनीताल में दूसरा चिंतन शिविर प्रस्तावित था। इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन किसी कारणवश इसे स्थगित कर दिया गया। अब सरकार ने इस बार हल्द्वानी को शिविर का स्थल चुना है।
हल्द्वानी में नई रूपरेखा पर होगा फोकस
हल्द्वानी में होने वाला यह शिविर राज्य की विकास योजनाओं को गति देने के लिए एक अहम मंच साबित होगा। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के शिविरों का मकसद प्रदेश के भविष्य का व्यापक खाका तैयार करना है, ताकि उत्तराखंड को आने वाले वर्षों में एक सशक्त और अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित किया जा सके।
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