उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भयंकर तबाही मची हुई है। विशेष रूप से देहरादून, मसूरी, ऋषिकेश व आसपास के क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। प्रदेश भर में मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद कई जगहों पर बेकाबू प्राकृतिक शक्तियों ने मानवीय त्रासदी को जन्म दिया है।
प्रेमनगर में मजदूरों की नदी में बहने से मौत
देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में टोंस नदी के किनारे खनन कार्य कर रहे कई मजदूर अचानक नदी के तेज बहाव में बह गए। घटनास्थल से प्राप्त वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे ट्रॉली पर सवार मजदूर किनारे से मदद की गुहार लगाते हैं, लेकिन पानी के प्रचंड बहाव में वे ट्रॉली सहित बहते चले जाते हैं। एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचे हुए मजदूरों की तलाश शुरू कर दी है। अब तक 8 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें चार महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। रेस्क्यू अभियान जारी है।
देवभूमि इंस्टिट्यूट में फंसे 200 से अधिक छात्र-छात्राओं का सुरक्षित रेस्क्यू
प्रेमनगर क्षेत्र के पौंधा के पास स्थित देवभूमि इंस्टिट्यूट परिसर में भी जलभराव के कारण 200 से ज्यादा छात्र-छात्राएं फंसे हुए थे। प्रशासन के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान कई छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर प्राथमिक स्वास्थ्य जांच भी की जा रही है।
मसूरी में पर्यटकों के लिए राहत की व्यवस्था
भारी बारिश और खतरे को देखते हुए मसूरी में प्रशासन ने सभी होटलों और होमस्टेज में आज ट्रैवल ना करने की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा होटल एसोसिएशन की ओर से सभी पर्यटकों को नि:शुल्क प्रवास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही प्रशासन ने खतरे वाले होटलों से पर्यटकों को धर्मशाला, गुरुद्वारे और अन्य सुरक्षित स्थानों में स्थानांतरित किया जा रहा है। नगर पालिका की बसों की मदद से उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
ऋषिकेश में सड़क, रेलवे व होटल प्रभावित
ऋषिकेश के हरिद्वार बायपास रोड पर मनसा देवी क्षेत्र में जलभराव ने गंभीर स्थिति उत्पन्न कर दी है। रेलवे ट्रैक भी पानी में डूब चुका है, जिससे रेल यातायात बाधित हो गया है। वहीं ऋषिकेश-चंबा मार्ग भीनु के पास भारी बारिश की वजह से पूरी सड़क वाशआउट हो गई है। यह मार्ग गंगोत्री से जुड़ने के लिए बेहद आवश्यक है।
नागणी के पास हैवल नदी किनारे बना दो कमरों का होटल भी नदी के तेज बहाव से गिर गया। प्रशासन की टीम ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है।
शिवाजी नगर में घरों में पानी घुसने से तबाही
ऋषिकेश के शिवाजी नगर वार्ड नंबर 28 में ब्रह्मा नदी उफान पर आने से कई घरों में पानी भर गया। नागरिकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
प्रदेश के सभी जिलों में भारी बारिश के चलते प्रशासन अलर्ट पर है। एसडीआरएफ, पुलिस, नगर निगम व अन्य एजेंसियां लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री सहित राज्य सरकार की ओर से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने व उन्हें राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। मौसम विभाग की ओर से भी अगले 48 घंटे में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
स्थिति गंभीर बनी हुई है और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है ताकि लोग सुरक्षित रहें।







