लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके आशियाना से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक इकलौते बेटे ने अपने ही पिता की न केवल गोली मारकर हत्या की, बल्कि पकड़े जाने के डर से शव के कई टुकड़े कर उन्हें एक ड्रम में छिपा दिया। मेरठ के ‘ड्रम कांड’ की यादें अभी धुंधली भी नहीं हुई थीं कि लखनऊ की इस घटना ने लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी है।
गुमशुदगी की रिपोर्ट और पुलिस का शक
मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी बेटे, अक्षत ने खुद आशियाना थाने पहुंचकर अपने 49 वर्षीय पिता मानवेंद्र सिंह के लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर छानबीन शुरू की, लेकिन घर के भीतर अक्षत की हरकतों और उसके बयानों में विरोधाभास ने पुलिस के मन में संदेह पैदा कर दिया। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो अक्षत के पैरों तले जमीन खिसक गई और उसने जो सच उबला, उसने अनुभवी पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।
विवाद की जड़: करियर और पढ़ाई का दबाव
पूछताछ के दौरान आरोपी अक्षत ने बताया कि उसके पिता मानवेंद्र सिंह उस पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लगातार दबाव बनाते थे। पिता चाहते थे कि अक्षत मन लगाकर पढ़ाई करे और एक अच्छी सरकारी नौकरी हासिल करे, लेकिन अक्षत को यह टोका-टोकी पसंद नहीं थी। 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे, इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में तीखी बहस हुई। गुस्से में आकर अक्षत ने घर की तीसरी मंजिल पर सो रहे पिता के माथे में उनकी ही लाइसेंसी रायफल से गोली मार दी।
कसाई की तरह शव के किए टुकड़े
हत्या के बाद अक्षत ने साक्ष्यों को मिटाने के लिए किसी पेशेवर अपराधी की तरह काम किया। उसने रात के अंधेरे में पिता के शव को घसीटकर भूतल (Ground Floor) पर लाया। पकड़े जाने के डर से उसने एक आरी से शव के हाथ और पैर काट दिए। कटे हुए अंगों को उसने पारा इलाके के सदरौना स्थित जंगल में फेंक दिया, जबकि शरीर के बाकी हिस्सों (धड़) को घर के अंदर ही एक बड़े प्लास्टिक के ड्रम में छिपाकर रख दिया।
पड़ोसी भी रह गए दंग
घटना के बाद अक्षत ने बड़ी चालाकी से पड़ोसियों को यह विश्वास दिलाया कि उसके पिता कहीं लापता हो गए हैं या शायद उन्होंने आत्महत्या कर ली है। सोमवार को जब पुलिस की फॉरेंसिक टीम अक्षत के घर पहुंची, तो बदबू के आधार पर ड्रम की तलाशी ली गई। ड्रम खोलते ही वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए; अंदर मानवेंद्र सिंह का क्षत-विक्षत धड़ बरामद हुआ।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी पक्ष
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) मध्य विक्रांत वीर ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसकी निशानदेही पर जंगल से शव के कटे हुए हिस्से भी बरामद करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी रायफल और शव काटने के औजारों को भी कब्जे में ले लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस जघन्य हत्याकांड में अक्षत का साथ किसी और ने भी दिया था।
निष्कर्ष: समाज के लिए एक चेतावनी
लखनऊ का यह ‘ड्रम कांड’ आधुनिक समाज में बढ़ते तनाव और रिश्तों के बीच खत्म होते संवाद का एक भयावह उदाहरण है। करियर के दबाव और गुस्से के क्षणिक आवेग ने एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। आज एक पिता की जान जा चुकी है और उसका बेटा सलाखों के पीछे अपने किए पर पछता रहा है।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- मृतक: मानवेंद्र सिंह (49 वर्ष), निवासी सेक्टर एल, आशियाना।
- आरोपी: बेटा अक्षत (गिरफ्तार)।
- हत्या का कारण: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पढ़ाई का दबाव।
- वारदात का तरीका: गोली मारकर हत्या, फिर शव के टुकड़े कर ड्रम में छिपाया।
- बरामदगी: लाइसेंसी रायफल और क्षत-विक्षत शव।










