रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग में मंगलवार को यात्रियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई। भारी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ धाम जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने खराब मौसम और प्रशासनिक आदेश का हवाला देते हुए बैरिकेड लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान यात्रियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
भारी बारिश के अलर्ट के चलते यात्रा पर रोक
सीतापुर और सोनप्रयाग में इन दिनों श्रद्धालुओं का बड़ा हुजूम जमा है। हालांकि, मौसम विभाग ने रुद्रप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने 12 अगस्त से केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है, जो 14 अगस्त तक बंद रहेगी। आगे यात्रा शुरू करने का निर्णय मौसम के पूर्वानुमान पर निर्भर करेगा।
रुद्रप्रयाग डीएम प्रतीक जैन ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, मंदाकिनी और अलकनंदा नदियों के जलस्तर सहित सभी सहायक नालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। लोगों को नदियों और नालों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
हाईवे पर अलर्ट, मशीनें और टीमें तैनात
डीएम ने जानकारी दी कि केदारनाथ हाईवे के डेंजर जोन में 24 घंटे मशीनें और रेस्क्यू टीमें तैनात हैं। सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में तुरंत मार्ग को बहाल करने की तैयारी की गई है।
लाठीचार्ज पर कांग्रेस का हमला
सोनप्रयाग में यात्रियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता सुजाता पॉल ने आरोप लगाया कि धामी सरकार ने यात्रियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पहले ही श्रद्धालुओं को यात्रा स्थगित होने की स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए थी, ताकि वे बेवजह परेशान न होते।
सुजाता पॉल ने आगे कहा कि सरकार को व्यवस्थाओं में सुधार लाना चाहिए, लेकिन इसके बजाय वोटों की राजनीति में जुटी हुई है। उनके अनुसार, इस घटना की जिम्मेदारी सरकार की है और इसे लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए।






