देहरादून में जहां-जहां फ्लैट कल्चर तेजी से पांव पसार रहा है, वहां जमीनों के सर्किल रेट में इस बार सबसे अधिक 22 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। हालांकि जमीनों के सर्किल रेट में बेतहाशा वृद्धि से इस बार कुछ राहत जरूर दी गई है, लेकिन जिन क्षेत्रों में ग्रुप हाउसिंग और टावर प्रोजेक्ट तेजी से बढ़ रहे हैं, वहां कीमतों में उल्लेखनीय इजाफा किया गया है।
शहर के लगातार फैलते दायरे और नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण से अब नेशनल व स्टेट हाईवे के आसपास की जमीनें और भी कीमती हो गई हैं। इन इलाकों में जमीन खरीदना अब लगभग 22 प्रतिशत तक महंगा पड़ने वाला है। बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं में भी सरकार ने कोई रियायत नहीं दी है।
सहस्रधारा रोड से लेकर मसूरी रोड तक ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स तेजी से विकसित हो रहे हैं। इन क्षेत्रों में बहुमंजिला निर्माण वाले प्लॉट्स पर 22 प्रतिशत तक सर्किल रेट बढ़ाए गए हैं। इसके विपरीत, राजपुर रोड जैसे पहले से महंगे इलाकों में इस बार अपेक्षाकृत कम, यानी करीब 9 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।
दरअसल, दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे अब तैयार हो चुका है। वहीं बल्लूपुर–प्रेमनगर–पांवटा साहिब फोरलेन का काम अंतिम चरण में है। इसके अलावा आशारोड़ी से शिमला बाईपास होते हुए झाझरा तक नया बाईपास तैयार किया जा रहा है, जबकि आशारोड़ी से जोगीवाला तक एक और बाईपास प्रस्तावित है। साथ ही, भंडारीबाग रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण से आढ़त बाजार क्षेत्र का ट्रैफिक दबाव भी घटने की उम्मीद है।
इन परियोजनाओं के चलते शहर के इन हिस्सों में तेजी से विकास हो रहा है, जमीनें सिमट रही हैं और संपत्तियों की मांग बढ़ रही है। यही वजह है कि सरकार अब ऐसे उभरते क्षेत्रों से राजस्व आय में वृद्धि की संभावना देख रही है।
क्षेत्र
दूरी
अकृषि भूमि (₹/वर्ग मीटर)
बहुमंजिला आवासीय भवन / दुकान / रेस्टोरेंट / कार्यालय / अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (₹/वर्ग मीटर)
राजपुर रोड (घंटाघर से आरटीओ तक)
0–50 मीटर
68,000
82,000





