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ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’: इजरायल-अमेरिकी मिसाइल हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत,तेहरान में भारी तबाही

On: March 1, 2026 5:10 AM
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Aerial view of destroyed building in Tehran with black smoke and emergency vehicles after missile strike

तेहरान/वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया के समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं। शनिवार की सुबह ईरान की राजधानी तेहरान एक भीषण धमाके से दहल उठी, जिसने न केवल ईरान बल्कि पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। इजरायल और अमेरिका के एक संयुक्त सैन्य ऑपरेशन ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरानी मीडिया और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने आधिकारिक तौर पर इस खबर की पुष्टि कर दी है।
दफ्तर में बैठे थे खामेनेई, तभी गिरी मिसाइल
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार तड़के जब तेहरान की सड़कों पर सन्नाटा था, खामेनेई अपने आवास स्थित निजी कार्यालय (Home Office) में मौजूद थे। रिपोर्ट्स बताती हैं कि वह सुबह के कुछ जरूरी राजकीय कार्यों में व्यस्त थे और उन्हें इस बात का अंदेशा भी नहीं था कि आसमान से मौत बरसने वाली है।
तभी, इजरायली और अमेरिकी वायुसेना ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर उनके परिसर को निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला इतना सटीक और भीषण था कि चंद सेकंडों में पूरा आसमान काले धुएं के गुबार से भर गया। खामेनेई का पूरा परिसर मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। इस हमले में खामेनेई के साथ उनकी बेटी, दामाद और पोती की भी मौत हो गई है।
खुफिया जानकारी और ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’
यह हमला कोई अचानक की गई कार्रवाई नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी सैन्य रणनीति का हिस्सा था। अमेरिका और इजरायल ने इस मिशन को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया था।

  • सटीक लोकेशन: हमलावरों को खामेनेई की सटीक लोकेशन का पता था।
  • सुनियोजित हमला: हमले का समय ऐसा चुना गया जब राष्ट्रपति भवन और सर्वोच्च नेता के कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी निश्चित थी।
  • दावा: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देर रात ही अभियान की सफलता और खामेनेई के खात्मे का दावा कर दिया था।
    ईरान में 40 दिनों का राजकीय शोक
    सर्वोच्च नेता की मौत के बाद ईरान सरकार ने देश में 40 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। ईरान के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है, क्योंकि खामेनेई दशकों से देश की धार्मिक और राजनीतिक व्यवस्था के केंद्र थे। तेहरान की सड़कों पर सन्नाटा और गम का माहौल है, जबकि सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
    IRGC का कड़ा संदेश: “खून का बदला लेंगे”
    खामेनेई की मौत के बाद इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक भावुक और चेतावनी भरा बयान जारी किया है। IRGC ने कहा:

“हमने एक ऐसा महान नेता खो दिया है जो ईमान की ताकत और साहस में अद्वितीय थे। लेकिन जो अल्लाह की राह में मारे जाते हैं, उन्हें मुर्दा न समझें। उनकी शहादत हमें और भी शक्तिशाली बनाएगी।”

ईरानी सेना ने स्पष्ट किया है कि वे इस “कायरतापूर्ण हमले” का बदला जरूर लेंगे। बयान में आगे कहा गया कि देश के सशस्त्र बल और ‘बसीज’ (जन सेना) अपने नेता की विरासत की रक्षा करेंगे और बाहरी साजिशों का मुंहतोड़ जवाब देंगे।
क्षेत्र में युद्ध के बादल
इस घटना ने मध्य पूर्व (Middle East) में एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंका को जन्म दे दिया है। खामेनेई की मौत के बाद हिजबुल्लाह, हूतियों और अन्य ईरान समर्थित गुटों की प्रतिक्रिया क्या होगी, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला ईरान की सत्ता संरचना की नींव हिलाने वाला है और आने वाले दिनों में जवाबी कार्रवाई के रूप में संघर्ष और तेज हो सकता है।
एक युग का अंत
अयातुल्ला खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे। उनके निधन के साथ ही ईरान के इतिहास का एक लंबा अध्याय समाप्त हो गया है। अब सवाल यह उठता है कि ईरान का अगला उत्तराधिकारी कौन होगा और क्या ईरान अपनी वर्तमान नीतियों पर कायम रहेगा या देश में कोई बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा।

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