उत्तराखंड में धार्मिक यात्रा को और अधिक सुलभ और सुरक्षित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना की घोषणा हुई है। अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को केदारनाथ और सोनप्रयाग के बीच रोपवे परियोजना का निर्माण कार्य सौंपा गया है। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड द्वारा कंपनी को लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) प्रदान किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अदाणी एंटरप्राइजेज 4,081 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
यह रोपवे परियोजना नेशनल रोपवे डेवलपमेंट प्रोग्राम के पर्वतमाला प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जो सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के तहत विकसित किया जाएगा। अदाणी एंटरप्राइजेज के रोड, मेट्रो, रेल और जल डिवीजन इसके निर्माण का कार्य पूरा करेगा। परियोजना को पूरा करने में अनुमानतः 6 साल का समय लगेगा, जिसके बाद कंपनी इसे अगले 29 वर्षों तक चलाएगी और इसका संचालन सुनिश्चित करेगी।
अदाणी एंटरप्राइजेज ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि केदारनाथ रोपवे चालू होने के बाद तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा बेहद आसान हो जाएगी। वर्तमान में केदारनाथ जाने के लिए 12.9 किलोमीटर की कठिन और समय लेने वाली यात्रा में लगभग 9 घंटे लगते हैं, लेकिन रोपवे के बनने के बाद यह समय घटकर केवल 36 मिनट हो जाएगा। यह रोपवे प्रणाली प्रति घंटे में दोनों दिशाओं में 1,800 यात्रियों को सुरक्षित रूप से ले जाने में सक्षम होगी। केदारनाथ में हर साल लगभग 20 लाख तीर्थयात्री आते हैं, जो इस परियोजना के सामाजिक और धार्मिक महत्व को उजागर करता है।
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने इस प्रोजेक्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह परियोजना तकनीकी दक्षता और भक्ति का संगम है। उन्होंने कहा, “केदारनाथ रोपवे हमारी इंजीनियरिंग क्षमताओं का उदाहरण नहीं, बल्कि आस्था और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु है। यह तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुरक्षित, सुविधाजनक और तेज बनाएगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि परियोजना से क्षेत्र में रोज़गार के नए अवसर बनेंगे और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
अदाणी एंटरप्राइजेज अदाणी समूह की प्रमुख कंपनी है, जो भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अग्रणी भूमिका निभा रही है। यह कंपनी एयरपोर्ट, रोड, मेट्रो, रेल, जलमार्ग, डिफेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करती है। वर्तमान में कंपनी का मार्केट कैपिटल 2.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। इस रोपवे परियोजना से न केवल धार्मिक यात्रा को सरल बनाया जाएगा, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
इस परियोजना के पूरा होने से उत्तराखंड के कठिन भू-भाग में आवागमन आसान होगा। साथ ही यह धार्मिक पर्यटन को नया आयाम देगा। क्षेत्रवासियों और तीर्थयात्रियों के लिए यह एक वरदान साबित होगा, क्योंकि अब मुश्किल रास्तों से गुजरने की बजाय आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षित और समय की बचत वाली यात्रा संभव होगी।
यह परियोजना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चरल विकास के लिहाज से भी उत्तराखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगी।






