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​उत्तराखंड: केदारनाथ धाम को मिलेगी 24 घंटे निर्बाध बिजली, सोनप्रयाग से मंदिर तक 33 केवी डबल सर्किट लाइन प्रोजेक्ट को UERC की हरी झंडी

On: August 25, 2026 6:32 AM
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Kedarnath Power Supply 33 KV overhead power transmission line project Sonprayag to Kedarnath Dham

​Kedarnath Power Supply को अधिक सशक्त, आधुनिक और निर्बाध बनाने के लिए उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (UERC) ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। केदारनाथ धाम में लगातार बढ़ती ऊर्जा मांग और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक मौजूदा क्षतिग्रस्त 11 केवी भूमिगत केबल नेटवर्क को हटाकर 33 केवी डबल सर्किट ओवरहेड लाइन स्थापित करने की परियोजना को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वपूर्ण फैसले से न केवल मंदिर परिसर बल्कि यात्रा मार्ग पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, स्थानीय कारोबारियों और प्रशासन को निर्बाध विद्युत आपूर्ति का सीधा लाभ मिलेगा।

​Kedarnath Power Supply: 11.12 करोड़ रुपये की लागत से बदलेगा पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर

​उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) द्वारा तैयार किए गए इस रणनीतिक प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत लगभग 11.12 करोड़ रुपये तय की गई है। इस वित्तीय प्रस्ताव को यूपीसीएल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से पहले ही प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है।

​परियोजना के वित्तीय ढांचे के अनुसार, कुल बजट का 70 प्रतिशत हिस्सा रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (REC Limited) से ऋण के रूप में जुटाया जाएगा, जबकि शेष 30 प्रतिशत राशि उत्तराखंड सरकार द्वारा इक्विटी के तौर पर उपलब्ध कराई जाएगी। यह वित्तीय मॉडल उपभोक्ताओं पर बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए तैयार किया गया है।

​Kedarnath Power Supply: भूमिगत केबल की जगह 10.40 किमी ओवरहेड लाटिस टॉवर

​सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम के बीच लगभग 10.40 किलोमीटर की दूरी में बिछाई गई पुरानी 11 केवी अंडरग्राउंड लाइन प्राकृतिक आपदाओं, भूस्खलन और अत्यधिक बर्फबारी के कारण बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाती थी। इसके स्थायी समाधान के रूप में अब इस पूरे हिस्से को अत्याधुनिक ओवरहेड लाटिस टॉवर (Lattice Tower) लाइन में परिवर्तित किया जाएगा।

​लाटिस टॉवरों का डिजाइन उच्च हिमालयी क्षेत्र के चरम मौसम, भारी हिमपात और तेज बर्फीली हवाओं को आसानी से झेलने में सक्षम है। इससे तकनीकी खराबी और फॉल्ट की स्थिति में सुधार कार्य भी तेजी से किया जा सकेगा।

​Kedarnath Power Supply: आगामी रोपवे और सब-स्टेशन को मिलेगा मजबूत बैकअप

​यह तकनीकी अपग्रेडेशन केवल एक अस्थायी व्यवस्था न होकर भविष्य की दीर्घकालिक आवश्यकताओं को पूरा करने वाला स्थायी समाधान है। केदारनाथ धाम में प्रस्तावित नए 33/11 केवी सब-स्टेशन को इसी लाइन से मुख्य पावर ग्रिड फीड मिलेगा।

​इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना की उच्च विद्युत मांग को पूरा करने के लिए भी यह 33 केवी डबल सर्किट लाइन रीढ़ की हड्डी साबित होगी। डबल सर्किट होने के कारण यदि किसी एक सर्किट में तकनीकी रुकावट आती भी है, तो दूसरे सर्किट से विद्युत प्रवाह तुरंत चालू रखा जा सकेगा।

​Kedarnath Power Supply: UERC ने दी चेतावनी के साथ कार्योत्तर मंजूरी

​परियोजना की समीक्षा के दौरान नियामक आयोग (UERC) ने पाया कि यूपीसीएल ने पूर्व वैधानिक अनुमति प्राप्त किए बिना ही टेंडर प्रक्रिया और शुरुआती कार्य शुरू कर दिया था। इस प्रक्रियात्मक चूक पर आयोग ने यूपीसीएल प्रबंधन को सख्त चेतावनी दी।

​हालांकि, श्री केदारनाथ धाम की धार्मिक महत्ता, करोड़ों श्रद्धालुओं की ऊर्जा सुरक्षा और आगामी शीतकालीन तैयारियों की अनिवार्यता को देखते हुए आयोग ने जनहित में इस प्रोजेक्ट को कार्योत्तर (पोस्ट-फैक्टो) मंजूरी प्रदान कर दी है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य के दौरान केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के सुरक्षा मानकों और अधिकतम 250 मीटर स्पैन सीमा का कड़ाई से अनुपालन किया जाए।

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