काशीपुर के जाने-माने पॉवरलिफ्टर और ‘पावर हाउस जिम’ के संचालक अमनदीप अरोरा ने शुक्रवार दोपहर अपने ही घर की दूसरी मंजिल पर स्थित कमरे में खुद को गोली मार ली। उन्होंने यह कदम पिता की लाइसेंसी बंदूक से उठाया। घटना से पूरे शहर और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
खेलों में शानदार सफर, लेकिन अंत चौंकाने वाला
36 वर्षीय अमनदीप ने पॉवरलिफ्टिंग में राष्ट्रीय स्तर पर दो बार चैंपियनशिप जीतने के साथ-साथ एशियन पॉवरलिफ्टिंग चैंपियनशिप (मलयेशिया) में कांस्य पदक भी अपने नाम किया था। वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उन्हें खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया था।
खेल के प्रति समर्पण, युवाओं के लिए प्रेरणा
स्टेडियम में पॉवरलिफ्टिंग कोच राजीव चौधरी के अनुसार, अमनदीप ने 2011 में उनके मार्गदर्शन में खेल की शुरुआत की थी और तब से निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते आ रहे थे। वह बेहद मिलनसार और अनुशासित खिलाड़ी माने जाते थे। उनके जिम में आने वाले युवाओं को वे हमेशा खेल और फिटनेस के प्रति प्रेरित करते थे।
आखिर क्यों थमा ये मजबूत कंधा?
अमनदीप की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिन लोगों को वे हमेशा जीवन के लिए प्रेरित करते थे, आज वही लोग स्तब्ध हैं कि आखिर ऐसी कौन सी बात थी जो उन्होंने किसी से साझा नहीं की। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे खेल प्रेमियों और परिचितों ने कहा, “अमन तो हमेशा दूसरों को हिम्मत और हौसला देने की बात करता था, फिर खुद कैसे टूट गया?”
कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, पुलिस कर रही जांच
घटना के वक्त अमनदीप ने कमरे को अंदर से बंद कर लिया था। गोली की आवाज सुनकर परिजन पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और परिजनों से पूछताछ शुरू की है। हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, इसलिए आत्महत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है।
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