उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के अंतर्गत आने वाले काशीपुर क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। कुंडा थाना क्षेत्र में पूर्व उप ब्लॉक प्रमुख हरदीप सिंह (38) की उनके ही बचपन के जिगरी दोस्त संदीप सिंह उर्फ सोना ने सात राउंड फायरिंग कर बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर मामले का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी संदीप सिंह और उसकी पत्नी संदीप कौर को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि हत्या का मुख्य कारण करीब 30 लाख रुपये का पुराना लेनदेन और 8 लाख रुपये का सेकेंड हैंड बुलडोजर था। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी ने पूर्व उप ब्लॉक प्रमुख हरदीप सिंह की ही लाइसेंसी पिस्टल का इस्तेमाल किया।
30 लाख रुपये का लेनदेन बना हत्या का मुख्य कारण
काशीपुर के गुलजारपुर कुंडेश्वरी निवासी हरदीप सिंह और गौरा फार्म (कुंडा) निवासी संदीप सिंह बचपन के गहरे दोस्त थे। 15 एकड़ जमीन का मालिक किसान संदीप सिंह और हरदीप सिंह अक्सर एक-दूसरे के साथ उठते-बैठते थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि दोनों के बीच लगभग 30 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। इसके अलावा मृतक हरदीप सिंह ने आरोपी संदीप के नाम पर हरिद्वार से करीब 8 लाख रुपये का एक सेकेंड हैंड बुलडोजर भी खरीदवाया था। इसी रकम को वापस मांगने और बुलडोजर के पैसों को लेकर दोनों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी, जिसने आखिरकार एक खूनी मोड़ ले लिया।
शराब पार्टी के दौरान बढ़ा विवाद और चला दीं 7 गोलियां
घटना वाले दिन हरदीप सिंह और संदीप सिंह ने पहले बाहर एक ढाबे पर साथ बैठकर शराब पी और खाना खाया। इसके बाद संदीप अपने दोस्त हरदीप को अपने गौरा फार्म स्थित घर ले गया। वहां दोनों ने बैठकर दोबारा कच्ची शराब पी।
नशे की हालत में 30 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर संदीप ने टेबल पर रखी हरदीप सिंह की ही लाइसेंसी पिस्टल उठा ली और एक के बाद एक लगातार 7 राउंड फायर झोंक दिए। इनमें से दो गोलियां हरदीप के पेट में जा लगीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़े।
गुमराह करने के लिए खुद अस्पताल ले गया आरोपी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी संदीप सिंह ने पुलिस और परिजनों को गुमराह करने की एक सोची-समझी साजिश रची। खुद को बेकसूर साबित करने के लिए आरोपी घायल हरदीप को तुरंत काशीपुर के एक निजी अस्पताल ले गया।
इतना ही नहीं, उसने रात को ही हरदीप के घर फोन कर परिजनों को सूचना दी कि हरदीप को गोली लग गई है, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, अस्पताल में हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने हरदीप को हायर सेंटर रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
साक्ष्य मिटाने में पत्नी ने दिया साथ, खून से सना फर्श किया साफ
वारदात के बाद आरोपी की पत्नी संदीप कौर (35) ने अपने पति को बचाने के लिए अपराध में पूरी तरह साथ दिया। उसने कमरे में फैले खून को पानी से धोकर साफ किया और कारतूस के खोखे छिपाने की कोशिश की, ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिल सके।
पुलिस ने जांच के दौरान वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया और साक्ष्य छिपाने की इस आपराधिक साजिश में शामिल होने के कारण आरोपी संदीप कौर को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्टल, खोखा कारतूस और घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली है।
आरोपी मां की भूमिका की गहनता से जांच जारी
13 सितंबर को मृतक की मां रजविंदर कौर ने कुंडा थाने में तहरीर देकर संदीप सिंह, उसकी पत्नी और मां के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। मां का आरोप था कि उनके बेटे की हत्या संदीप ने अपनी पत्नी और मां की मौजूदगी में साजिश के तहत की है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी संदीप सिंह की मां भी वारदात के वक्त घर में मौजूद थी। फिलहाल उसकी भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है और साक्ष्य मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई
एसएसपी अजय गणपति के निर्देशों पर गठित विशेष पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर लिया। इस सफलता को हासिल करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कुंडा धीरेन्द्र कुमार, उप निरीक्षक सौरभ कुमार, गोविंद मेहता, मनोज देव, सोनू सिंह, नवीन चंद्र जोशी और एएसआइ रविश राम समेत कई अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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