उधमसिंह नगर जिले के केलाखेड़ा क्षेत्र के गांव भव्वानगला स्थित मशरूम प्लांट में गुरुवार रात दर्दनाक हादसा हो गया। प्लांट के भीतर अचानक एक भारी रैक टूटकर गिर गया, जिससे वहां मौजूद मजदूर जैविक खाद के मलबे में दब गए। हादसे में एक महिला मजदूर की मौत हो गई, जबकि सात मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जो करीब चार घंटे तक चला।
चार घंटे चला रेस्क्यू, 23 मजदूर थे काम पर
पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और दमकल विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से चार घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया। मलबा हटाकर एक-एक मजदूर को बाहर निकाला गया। हादसे के वक्त प्लांट में कुल 23 मजदूर काम कर रहे थे। बताया गया कि मशरूम बैग रखने के लिए क्षमता से अधिक वजन भरने की वजह से रैक एक ओर झुक गया और गिरने से यह दुर्घटना हो गई।
घायल मजदूरों का अस्पताल में इलाज, एक गर्भवती भी शामिल
हादसे में घायल जय सिंह, करन, ओमपाल, रेशमा, कौशल्या, राधा, गणेश, भगवानदास, विजयपाल, पोला, भोली और परमजीत कौर को बाजपुर और काशीपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से एक गर्भवती महिला की पीठ में दर्द की शिकायत के बाद उसका एक्सरे करवाकर उसे प्राइवेट रूम में भर्ती किया गया है।
डीएम ने मौके पर पहुंचकर जाना हाल, मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया देर रात जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने पीएमएस डॉ. आरके सिंहा को घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए और कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। डीएम ने इस हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं और स्पष्ट किया कि यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मृतका के पोस्टमार्टम को लेकर हुआ हंगामा
हादसे में जान गंवाने वाली महिला मजदूर के शव को जब पुलिस मोर्चरी ले गई और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू करने लगी, तभी मृतका का एक रिश्तेदार पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए शव को सीधे ले जाने की जिद पर अड़ गया। इसको लेकर मोर्चरी पर हंगामा हो गया। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को समझाकर शांत किया।
प्रशासन ने घायलों के तीमारदारों के लिए की व्यवस्था
डीएम के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी ने घायल मजदूरों के लगभग 25 परिजनों के भोजन और ठहरने की व्यवस्था की। मौके पर एसडीएम बाजपुर डॉ. अमृता शर्मा, अन्य प्रशासनिक अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे। वहीं, घायल प्लांट संचालक रवि नेहरा का इलाज काशीपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
यह हादसा न केवल मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि प्लांट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गंभीर चेतावनी भी है। प्रशासन की जांच और कार्रवाई से अब यह तय होगा कि जिम्मेदारों पर क्या सख्ती होती है।









