नई दिल्ली/दुबई: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए सिलसिलेवार हवाई हमलों और युद्ध की औपचारिक घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है। सुरक्षा कारणों और बढ़ते जोखिमों को देखते हुए कतर, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इराक सहित कई खाड़ी देशों ने अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) को आंशिक या पूर्ण रूप से बंद करने का कड़ा फैसला लिया है। इस कदम से दुनिया भर के हवाई यातायात पर गहरा असर पड़ा है और सैकड़ों उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
ईरान और इराक में हवाई क्षेत्र पूरी तरह ठप
तेहरान में हुए भीषण विस्फोटों के तुरंत बाद ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए ईरानी हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से बंद कर दिया है। ईरानी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, देश के कई हिस्सों में लगातार हवाई हमले देखे गए, जिसके जवाब में यह निर्णय लिया गया।
पड़ोसी देश इराक ने भी एकजुटता और सुरक्षा के मद्देनजर अपने आसमान में सभी प्रकार के हवाई यातायात पर रोक लगा दी है। इराक के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने पुष्टि की है कि बगदाद और एरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से संचालित होने वाली सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अगले आदेश तक निलंबित रहेंगी।
खाड़ी देशों की एहतियाती कार्रवाई
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GCAA) ने एक बयान जारी कर कहा है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के मूल्यांकन के बाद हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से बंद किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक एहतियाती कदम है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। कुवैत ने भी अपने हवाई क्षेत्र पर कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं, हालांकि इसे दोबारा खोलने की कोई निश्चित समयसीमा अभी नहीं दी गई है।
बहरीन में संप्रभुता का उल्लंघन और मिसाइल हमला
इस संघर्ष की आंच अब बहरीन तक भी पहुँच गई है। बहरीन के राष्ट्रीय संचार केंद्र ने एक गंभीर बयान जारी करते हुए कहा कि देश की सीमाओं के भीतर कुछ ठिकानों को बाहरी हमलों का निशाना बनाया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के ‘पांचवें बेड़े’ (Fifth Fleet) की एक सेवा सुविधा पर मिसाइल हमला हुआ है। बहरीन सरकार ने इसे अपनी संप्रभुता का सीधा उल्लंघन करार दिया है।
एयरलाइंस पर गहरा असर: कैंसिल और डायवर्टेड उड़ानों की सूची
युद्ध की इस स्थिति ने वैश्विक विमानन क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। प्रमुख एयरलाइंस ने अपनी सेवाओं में व्यापक बदलाव किए हैं:
| एयरलाइन | प्रभावित रूट / स्थिति | प्रभाव की अवधि |
|---|---|---|
| Air India | मिडिल ईस्ट के सभी गंतव्य और दिल्ली-तेल अवीव उड़ानें | अगले आदेश तक डायवर्टेड/स्थगित |
| IndiGo | ईरान और आसपास का एयरस्पेस | निगरानी जारी, रूट्स में बदलाव |
| Lufthansa | दुबई, बेरूत और ओमान की उड़ानें | तत्काल प्रभाव से रद्द |
| Virgin Atlantic | लंदन-दुबई (इराकी एयरस्पेस से परहेज) | परिचालन में सावधानी |
| Qatar Airways | सभी उड़ानें | अस्थायी रूप से निलंबित |
| Emirates | सभी गंतव्य | स्थिति की निगरानी और आंशिक समायोजन |
| Turkish Airlines | ईरान, इराक, सीरिया और जॉर्डन | 2 मार्च तक सेवाएं स्थगित |
| Wizz Air | इजराइल, दुबई और अम्मान | 7 मार्च तक सभी सेवाएं रद्द |
| रूसी और जापानी एयरलाइंस ने भी ईरान-इजरायल रूट पर अपनी उड़ानों को फिलहाल रोक दिया है। पोलैंड की ‘LOT Polish Airlines’ की वारसॉ-दुबई उड़ान को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। | ||
| यात्रियों के लिए सलाह | ||
| क्षेत्रीय उड्डयन अधिकारियों ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइंस की वेबसाइट या हेल्पलाइन के माध्यम से अपडेट लें। एयरलाइंस को निर्देश दिए गए हैं कि वे फंसे हुए यात्रियों के ठहरने और भोजन की समुचित व्यवस्था करें। | ||
| निष्कर्ष | ||
| इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता यह तनाव न केवल भू-राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर रहा है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी के लिए भी बड़ा खतरा बन गया है। यदि यह गतिरोध लंबा खींचता है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों और विमानन ईंधन के दामों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है। |








