नई दिल्ली: देश में आम जनता पर महंगाई का बोझ एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। जून 2026 में खुदरा महंगाई दर (CPI) में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ा है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर आधारित सालाना खुदरा महंगाई दर जून 2026 में बढ़कर 4.38% के स्तर पर पहुंच गई है, जो कि इससे पिछले महीने यानी मई 2026 में 3.93% थी।
रसोई का बजट बिगड़ा: खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उछाल
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, केवल खुदरा महंगाई ही नहीं, बल्कि खाद्य महंगाई दर (CFPI) में भी तेज उछाल आया है। जून 2026 में खाद्य महंगाई दर 5.32% दर्ज की गई, जबकि मई में यह 4.78% के स्तर पर थी।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह खाने-पीने की जरूरी चीजों के दामों में वृद्धि है। विशेष रूप से अदरक और टमाटर जैसी रोजमर्रा की सब्जियों की कीमतों में आई भारी तेजी ने आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट को पूरी तरह से प्रभावित किया है।
किसके बढ़े दाम और कहां मिली राहत?
मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट में इस महीने महंगी और सस्ती होने वाली वस्तुओं की विस्तृत सूची भी सामने आई है। जून महीने में जहाँ आभूषणों और कुछ विशेष सब्जियों के दामों ने आसमान छुआ, वहीं कुछ बुनियादी खाद्य पदार्थों और वाहनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जो राहत की बात है।
सबसे ज्यादा महंगे होने वाले उत्पाद और सब्जियां:
- चांदी के आभूषण: जून महीने में रिकॉर्ड 133.21% की भारी वृद्धि दर्ज की गई।
- अदरक: रसोई का स्वाद बढ़ाने वाली अदरक के दामों में 50.41% का बड़ा उछाल देखा गया।
- सोने/हीरे के आभूषण: शादियों के सीजन के बीच इनके दामों में भी 36.82% की बढ़त दर्ज हुई।
- टमाटर: रोजमर्रा की सब्जियों में शामिल टमाटर की कीमतें 31.92% तक बढ़ गईं।
सस्ते होने वाले उत्पाद और सब्जियां:
- आलू: आम जनता को बड़ी राहत देते हुए आलू की कीमतों में -20.34% की भारी गिरावट आई है।
- मटर: हरी मटर के दामों में भी -9.67% की कमी देखी गई।
- मोटर कार/जीप: वाहन बाजार में इस श्रेणी की गाड़ियां -6.89% तक सस्ती हुईं।
- जीरा: मसालों के राजा जीरे की कीमतों में भी -3.75% की मामूली गिरावट दर्ज की गई।
शहरी इलाकों के मुकाबले गांवों में ज्यादा मार
इस बार महंगाई की मार शहरों से ज्यादा ग्रामीण भारत पर पड़ती दिखाई दे रही है। रिपोर्ट के क्षेत्रीय विश्लेषण से पता चलता है कि जून 2026 में जहां शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर 3.92% रही, वहीं ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 4.74% तक पहुंच गया।
गांवों में महंगाई की यह रफ्तार ग्रामीण अर्थव्यवस्था और वहां के उपभोक्ताओं के लिए आने वाले दिनों में चिंता का विषय बन सकती है।
तेलंगाना में महंगाई सबसे चरम पर
देश के बड़े राज्यों (50 लाख से अधिक आबादी वाले) की बात करें तो महंगाई के मामले में तेलंगाना सबसे ऊपर रहा है। डेटा के मुताबिक, जून 2026 में तेलंगाना में सबसे अधिक 6.36% महंगाई दर दर्ज की गई।
इसके बाद दक्षिण भारत के अन्य प्रमुख राज्य आंध्र प्रदेश (5.39%) और तमिलनाडु (5.24%) का नंबर आता है, जहां महंगाई का स्तर राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक रहा।











