नोएडा/अलीगढ़: भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते हुए सितारे और ‘फिनिशर’ के नाम से मशहूर रिंकू सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रिंकू सिंह के पिता खचंद्र सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। वह पिछले काफी समय से लीवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।
स्टेज-4 कैंसर से लड़ रहे थे खचंद्र सिंह
मिली जानकारी के अनुसार, खचंद्र सिंह लीवर कैंसर के चौथे चरण (Stage-4) में थे। उनकी स्थिति पिछले कुछ दिनों से काफी चिंताजनक बनी हुई थी। उन्हें गंभीर हालत में ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ विशेषज्ञों की एक टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी।
अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, खचंद्र सिंह की हालत बिगड़ने पर उन्हें मैकेनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। उन्हें निरंतर ‘रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी’ भी दी जा रही थी, लेकिन कैंसर शरीर के अंगों पर इस कदर हावी हो चुका था कि डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
बीच में ही छोड़ना पड़ा टीम इंडिया का साथ
रिंकू सिंह अपनी टीम और खेल के प्रति जितने समर्पित हैं, उतने ही वह अपने परिवार के करीब भी रहे हैं। मंगलवार, 24 फरवरी को जब भारतीय टीम चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में अभ्यास सत्र (Practice Session) के लिए उतरी थी, तब रिंकू सिंह वहां मौजूद नहीं थे। पिता की बिगड़ती सेहत की खबर मिलते ही वह मैनेजमेंट से अनुमति लेकर तुरंत नोएडा के लिए रवाना हो गए थे। उस समय सोशल मीडिया पर उनके अचानक जाने को लेकर कई कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन जल्द ही पिता की गंभीर स्थिति की बात सामने आ गई।
संघर्षों का साथी चला गया
रिंकू सिंह की सफलता की कहानी भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रेरणादायक अध्यायों में से एक है। उनके पिता खचंद्र सिंह अलीगढ़ में घर-घर जाकर एलपीजी सिलेंडर पहुंचाने का काम करते थे। बेहद तंगी के बावजूद उन्होंने रिंकू के क्रिकेट खेलने के सपने को कभी मरने नहीं दिया। रिंकू अक्सर साक्षात्कारों में जिक्र करते थे कि कैसे उनके पिता ने मेहनत मजदूरी कर उन्हें बैट और किट दिलाई थी। आज जब रिंकू सफलता के शिखर पर हैं, तब पिता का साया उठ जाना उनके लिए एक अपूरणीय क्षति है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 और मौजूदा फॉर्म
रिंकू सिंह वर्तमान में भारतीय टी20 टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज मैचों में टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे। हालांकि, यह टूर्नामेंट उनके लिए फॉर्म के लिहाज से उतार-चढ़ाव भरा रहा। वह सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी मैदान पर उतरे थे।
जिम्बाब्वे के खिलाफ हालिया मुकाबले से पहले वह टीम के साथ जरूर जुड़े थे, लेकिन अंतिम एकादश (Playing XI) में उन्हें जगह नहीं मिल पाई थी। खराब फॉर्म और अब पिता के निधन का मानसिक बोझ, रिंकू के लिए यह समय व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों ही तौर पर काफी कठिन है।
क्रिकेट जगत में शोक की लहर
रिंकू सिंह के पिता के निधन की खबर मिलते ही खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के सदस्यों, साथी खिलाड़ियों और बीसीसीआई के अधिकारियों ने इस दुखद घड़ी में रिंकू और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। सोशल मीडिया पर फैंस भी रिंकू को ढांढस बंधा रहे हैं और उनके पिता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
रिंकू सिंह का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला है। पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए अलीगढ़ ले जाए जाने की संभावना है, जहाँ उनके पैतृक निवास पर अंतिम विदाई दी जाएगी।
भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खचंद्र सिंह का निधन, कैंसर से लंबी जंग के बाद नोएडा के अस्पताल में ली अंतिम सांस
On: February 27, 2026 3:01 AM











