भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर आखिरकार हस्ताक्षर हो गए हैं। इसे पीएम मोदी ने “मदर ऑफ ऑल डील” कहा है। इस समझौते से दोनों बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार को नई दिशा मिलेगी और भारतीय उपभोक्ताओं के लिए कई चीजें सस्ती होंगी।
समझौते का महत्व
• भारत और EU ने इस FTA के लिए 2007 से बातचीत की थी।
• अब 18 साल बाद यह समझौता संभव हो सका है।
• यह FTA वैश्विक GDP के लगभग 25% और वैश्विक व्यापार के लगभग एक-तिहाई हिस्से को कवर करता है।
EU और भारत की तुलना
पैमानयूरोपीय यूनियन (EU)भारतGDP20 ट्रिलियन डॉलर4.18 ट्रिलियन डॉलरआबादी45 करोड़ (450 मिलियन)140 करोड़ (1.4 बिलियन)निर्यात2.9 ट्रिलियन डॉलर824.5 अरब डॉलरआयात2.6 ट्रिलियन डॉलर915 अरब डॉलर
भारत में क्या-क्या होगा सस्ता?
• मर्सिडीज, BMW, पॉर्श जैसी लग्जरी कारों की कीमतों में कमी
• 15,000 यूरो (लगभग 16.3 लाख रुपये) से अधिक कीमत वाली कारों पर सिर्फ 40% टैरिफ
• विमान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, केमिकल्स, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और मेटल स्क्रैप सस्ते
• यूरोप से आने वाली शराब की कीमतों में गिरावट
• IT, इंजीनियरिंग, टेलीकॉम और बिजनेस जैसे सर्विस सेक्टर में भारतीयों के लिए नए मौके
ट्रेड का भविष्य
एमके ग्लोबल की रिपोर्ट के अनुसार, इस FTA से 2031 तक भारत और EU के बीच व्यापार 51 अरब डॉलर (लगभग 4,67,925 करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है। इससे भारत के निर्यात को भी मजबूती मिलेगी।
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On: January 27, 2026 7:25 AM











