अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

उत्तराखंड: मॉक ड्रिल के लिए सारी तैयारियाँ पूरी, आज शाम चार बजे गूंजेगा एयर रेड सायरन; पांच क्षेत्रों में होगा आपातकालीन अभ्यास

On: May 7, 2025 7:22 AM
Follow Us:

देहरादून। संभावित युद्ध जैसे हालात में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज पूरे प्रदेश में एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया का परीक्षण करना और उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों के प्रति जागरूक बनाना है।

इस मॉक ड्रिल की रूपरेखा जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में तय की गई। बैठक में सिविल डिफेंस, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। सभी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई और ड्रिल को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए रणनीति तैयार की गई।

शाम चार बजे बजेगा एयर रेड सायरन, शुरू होगा अभ्यास

मॉक ड्रिल शाम चार बजे एयर रेड सायरन बजने के साथ शुरू होगी। यह सायरन युद्धकालीन हमले की चेतावनी का संकेत होगा, जिसके बाद सिविल डिफेंस के स्वयंसेवी शहर के विभिन्न हिस्सों में लोगों को आवासीय और सरकारी भवनों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभ्यास करेंगे।

इस दौरान आराघर चौकी, धारा चौकी, एनआईईपीवीडी, कलेक्ट्रेट और लक्खीबाग पुलिस चौकी समेत पांच प्रमुख इलाकों में यह अभ्यास किया जाएगा। इन सभी स्थानों पर पूर्व में लगे सायरनों की कार्यक्षमता की जांच की जा चुकी है और सभी उपकरण पूरी तरह से सक्रिय पाए गए हैं।

सिस्टम की प्रतिक्रिया क्षमता होगी परखी

इस मॉक ड्रिल में सबसे अहम पहलू ‘रिस्पांस टाइम’ का मूल्यांकन होगा। यह देखा जाएगा कि सायरन बजने के कितनी देर बाद सिविल डिफेंस की टीमें हरकत में आती हैं और कितनी जल्दी वे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा पाती हैं। अगर किसी स्तर पर कोई खामी पाई जाती है तो उसे तुरंत दुरुस्त किया जाएगा।

लोगों को किया जाएगा संभावित खतरों के प्रति जागरूक

ड्रिल के दौरान नागरिकों को भविष्य में संभावित खतरों के प्रति आगाह किया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि एयर रेड की स्थिति में कैसे सतर्क रहना है, किन वस्तुओं को अपने पास रखना है और किनसे परहेज करना है। ब्लैक आउट जैसी स्थिति में आवश्यक सतर्कता के उपाय भी बताए जाएंगे।

पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां रहेंगी अलर्ट मोड पर

इस अभ्यास को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। ड्रिल के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था, आपातकालीन सेवाएं और संचार व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की अफरा-तफरी की स्थिति न उत्पन्न हो।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी तैयारियां

गौरतलब है कि जून 2023 में भी इसी प्रकार की मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी, जिसमें आपदा प्रबंधन पर केंद्रित अभ्यास किया गया था। उस दौरान भी नौ प्रमुख स्थानों पर लगे एयर रेड सायरनों की जांच की गई थी। उस ड्रिल में होमगार्ड और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवियों ने सक्रिय भूमिका निभाई थी। प्रदेश में आपदा संवेदनशील इलाकों में इस तरह के सायरन लगाए जाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

प्रशासन की पूरी तैयारी: कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी

डीजी सिविल डिफेंस पीवीके प्रसाद ने बताया कि मॉक ड्रिल को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिलाधिकारी ने स्वयं तैयारियों का जायजा लिया है और सभी सायरन कार्यशील अवस्था में हैं। शाम चार बजे जैसे ही सायरन बजेगा, मॉक ड्रिल औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।

यह भी पढें- उत्तराखंड: ऑपरेशन सिंदूर के बाद देहरादून में सुरक्षा सख्त, संदिग्धों से थानों में हो रही पूछताछ

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment