देहरादून, 11 अगस्त 2025 – मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के अंतर्गत सराहनीय कार्य करने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया और उनसे संवाद किया।
इस अवसर पर सीएम ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना का शुभंकर एवं लोगो लॉन्च किया, साथ ही ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के नए उत्पाद और वेबसाइट का लोकार्पण किया।
महिला सशक्तिकरण की नई पहलें
प्रदेश में 1.63 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
अगले तीन वर्षों में 15 हज़ार उद्यमियों को मिलेगा इन्क्यूबेशन सहयोग।
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के उत्पाद अब जल्द ही विदेशों में भी निर्यात होंगे।
सीएम धामी के संबोधन के मुख्य बिंदु
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। महिला आरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना और लखपति दीदी जैसी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लाखों महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत उद्यमियों को प्रशिक्षण, कानूनी सहयोग, निवेश सहायता और लोकल से ग्लोबल मार्केटिंग नेटवर्क उपलब्ध कराया जाएगा।
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ से वैश्विक पहचान
सीएम ने कहा कि वोकल फॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल की पहल के तहत प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को विश्व बाजार में पहचान दिलाने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ अम्ब्रेला ब्रांड बनाया गया है।
अभी 35 उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद लोगों तक पहुंच रहे हैं, जिन्हें जल्द ही विदेशों में भी निर्यात किया जाएगा।
महिला उद्यमियों की सफलता की कहानियां
अल्मोड़ा की सीमा कुमारी – 5 साल में 18 लाख रुपये की आय।
बागेश्वर की दया दानू – 400 महिलाओं के साथ 1 करोड़ रुपये का लाभ।
चंपावत की हेमा उपाध्याय – एग्रो टूरिज्म से हर साल 4 लाख रुपये की कमाई।
चमोली की रेखा नेगी – स्थानीय उत्पादों की बिक्री से बढ़ी आमदनी।
देहरादून की किरण राणा – मशरूम उत्पादन से लाभ, 34 महिलाओं को रोजगार।
हरिद्वार की छवि – रेस्टोरेंट के लिए 10 लाख का लोन, 6 लाख की सब्सिडी।
नैनीताल की किरण जोशी – रेशम उत्पादों से 9 माह में 8 लाख रुपये का कारोबार।
कार्यक्रम में मौजूद रहे
कार्यक्रम में विधायक खजानदास, विधायक सविता कपूर, सचिव ग्राम्य विकास राधिका झा, आयुक्त ग्राम्य विकास अनुराधा पाल, अपर सचिव झरना कमठान और ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
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