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“नैनीताल में फिर उफना जनआक्रोश, एक ओर अदा हुई जुमे की नमाज, तो दूसरी ओर सड़कों पर गूंजा हनुमान चालीसा”

On: May 2, 2025 11:27 AM
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नैनीताल। एक मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म की घटना के बाद नैनीताल शहर में लगातार तीसरे दिन जन आक्रोश जारी रहा। हालांकि घटना के 48 घंटे बाद अब शहर का जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होता दिखाई दे रहा है और पर्यटन गतिविधियां फिर से गति पकड़ने लगी हैं। मगर लोगों का गुस्सा अभी भी ठंडा नहीं हुआ है।

महिला संगठनों का जुलूस, फांसी की मांग

शुक्रवार को महिला संगठनों ने एकजुट होकर अभियुक्त उस्मान ठेकेदार को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। तल्लीताल स्थित गांधी प्रतिमा पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकत्र होकर सभा की और आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग को बुलंद आवाज़ दी। उन्होंने उसे समाज से बहिष्कृत करने और शहर में बाहरी लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखने की भी बात कही।

सभा के बाद महिलाओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए शहर में एक शांतिपूर्ण जुलूस निकाला। इस दौरान प्रमुख रूप से गीता उप्रेती, प्रेमा अधिकारी, ममता रावत, कविता गंगोला, दीपिका बिनवाल, भावना रावत, कविता त्रिपाठी, कमला रावत, गीता चौधरी और नैना अधिकारी सहित कई समाजसेवी महिलाएं शामिल रहीं।

हिन्दू संगठनों की प्रतिक्रिया और तनाव की स्थिति

इसी दिन दोपहर बाद हिन्दू संगठनों ने कोतवाली क्षेत्र के निकट हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया। इस दौरान हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय महासचिव समर्थकों के साथ धार्मिक स्थल की ओर बढ़ने लगे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए धक्का-मुक्की के बीच स्थिति को नियंत्रित किया और संवेदनशीलता को देखते हुए चक्रपाणी महाराज को शहर से बाहर भेज दिया गया।

वामपंथी संगठनों की प्रतिक्रिया

भाकपा (माले) सहित वामपंथी संगठनों ने भी इस अमानवीय घटना की घोर निंदा की। उन्होंने जहां अभियुक्त के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की, वहीं घटना के बाद समुदाय विशेष की दुकानों में तोड़फोड़ और भड़काऊ नारों का भी विरोध किया। भाकपा (माले) के नगर सचिव कैलाश जोशी समेत अन्य कार्यकर्ता भी इस मौके पर उपस्थित रहे।

शहर में स्थिति सामान्य, पुलिस सतर्क

घटना के बाद अब शहर की स्थिति सामान्य होने लगी है। बाजार खुले हैं, पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है और पर्यटन व्यवसाय पटरी पर लौट रहा है। हालांकि एहतियातन पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से फ्लैग मार्च भी किया गया ताकि जनता में विश्वास कायम रहे।

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