उत्तराखंड में इन दिनों उमसभरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है, वहीं अघोषित बिजली कटौती ने हालात और बदतर कर दिए हैं। देहरादून समेत कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली आंख-मिचौली खेल रही है। सुबह से लेकर रात तक कई बार बिजली का गुल होना आम बात हो गई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
ऊर्जा निगम की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं है और कहीं भी घोषित कटौती नहीं की जा रही है। हालांकि, ज़मीन पर हकीकत कुछ और ही है। कई क्षेत्रों में तकनीकी फाल्ट के चलते लगातार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। शहरों के साथ ही गांवों में भी यह समस्या देखने को मिल रही है, जहां गर्मी में राहत की जगह अंधेरा और उमस लोगों को परेशान कर रही है।
जल विद्युत परियोजनाओं में उत्पादन भले ही बढ़ा हो, लेकिन जैसे-जैसे तापमान और बिजली की मांग बढ़ रही है, संकट की आशंका भी गहराती जा रही है। ऊर्जा निगम बाजार से बिजली खरीदने के प्रयास कर रहा है, फिर भी तकनीकी गड़बड़ियों और लाइन फाल्ट से स्थिति काबू में नहीं आ पा रही है।
लोगों का कहना है कि न तो बिजली की समय से जानकारी दी जाती है और न ही मरम्मत कार्यों में तत्परता दिखाई जा रही है। बार-बार बिजली गुल होने से इनवर्टर और अन्य उपकरण भी जवाब दे रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में भीषण गर्मी के साथ बिजली की अनिश्चित आपूर्ति लोगों के लिए दोहरी मुसीबत बन चुकी है।
यह भी पढ़ें : जज वर्मा पर संकट: भारी नकदी बरामदगी के बाद महाभियोग की तैयारी में सरकार








