रुड़की में सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की इच्छा ने एक खौ़फनाक घटना को जन्म दिया है, जो न केवल कानून व्यवस्था बल्कि बच्चों के मानसिक हालात पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। मोहल्ला सोत निवासी मुनीत राजपूत के बेटे रितेन चौहान का अपहरण एक बर्बर घटना बन गई, जब उसे सिर्फ इसलिए अगवा किया गया कि उसके साथ मारपीट का वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो सके, जिससे आरोपी नाबालिगों को सोशल मीडिया पर ज्यादा फॉलोवर्स मिल सकें।
घटना बुधवार शाम की है, जब रितेन रोज की तरह ट्यूशन पढ़ने जा रहा था। रास्ते में रामनगर क्षेत्र में स्कूटी पर सवार 12 लड़कों ने उसे घेर लिया और जबरन उसे स्कूटी पर बैठाकर एक सुनसान इलाके में ले गए। वहां, आरोपियों ने छात्र को बेल्ट और डंडों से बुरी तरह पीटा। उनकी हिंसा का सिलसिला तब तक चलता रहा, जब तक इलाके में लोग नहीं जमा हो गए। आरोपी नहीं रुके और पीड़ित का मोबाइल तोड़कर मौके से फरार हो गए। इस पूरी घटना का वीडियो आरोपियों ने रिकॉर्ड किया और उसे इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया, जिसे तेजी से वायरल होने में देर नहीं लगी।
पीड़ित के पिता की शिकायत पर पुलिस ने तीन नामजद और नौ अज्ञात नाबालिगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने के लिए वीडियो का विश्लेषण कर रही है। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि मारपीट करने वाले सभी लड़के भी नाबालिग थे। यह घटना न केवल सोशल मीडिया की अंधी दौड़ को दिखाती है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक स्थिति और उनकी मानसिकता में हो रहे बदलाव की ओर भी इशारा करती है, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
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