पंचकूला के सेक्टर-27 में सोमवार की रात एक दर्दनाक त्रासदी सामने आई, जिसने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया। एक ही परिवार के सात लोगों ने कार में ज़हर खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। मरने वालों में दो विवाहित जोड़े, तीन मासूम बच्चे और एक बुजुर्ग शामिल हैं। बच्चों की उम्र महज़ 12 से 15 वर्ष के बीच बताई जा रही है। यह घटना समाज को झकझोर देने वाली है, जो आर्थिक दबावों के चलते जीवन को खत्म करने की गंभीर सच्चाई को उजागर करती है।
घटनास्थल से पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें एक कारोबारी प्रवीन मित्तल ने कर्ज और आर्थिक तंगी को आत्महत्या की मुख्य वजह बताया है। नोट में लिखा है कि वह नहीं चाहता कि उसके बाद उसके बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी झेलनी पड़े। यह भावनात्मक अपील उस मानसिक तनाव को दर्शाती है, जिससे पूरा परिवार गुजर रहा था।
प्रवीन मित्तल ने देहरादून में टूर एंड ट्रैवल का कारोबार शुरू किया था, लेकिन यह व्यावसायिक प्रयास सफल नहीं हुआ। घाटे के चलते परिवार पर कर्ज का बोझ बढ़ता चला गया और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आमदनी बंद होने से जीवन यापन भी मुश्किल हो गया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच बताती है कि परिवार ने गहरे मानसिक दबाव में यह खौफनाक कदम उठाया।
सूचना मिलते ही डीसीपी हिमाद्री कौशिक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और शवों को अस्पताल भिजवाया गया। गाड़ी देहरादून RTO में रजिस्टर्ड थी, जिससे पुलिस को परिवार की पहचान में कुछ मदद मिली है। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है और विस्तृत जांच जारी है। इस हृदयविदारक घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे समाज को एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या हमारी सामाजिक और आर्थिक संरचना इतना सहारा नहीं दे सकती कि लोग जीने का विकल्प चुन सकें?
यह भी पढ़ें : चकराता के टाइगर फॉल में दर्दनाक हादसा: झरने के साथ गिरा पेड़, दो की मौत, चार पर्यटक घायल










