देहरादून के क्लेमेनटाउन क्षेत्र में मिले लावारिस नवजात शिशु के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि एक निजी विश्वविद्यालय में बीसीए की पढ़ाई कर रही छात्रा ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर नवजात को जन्म देने के बाद सुनसान स्थान पर छोड़ दिया था। हैरानी की बात यह रही कि बच्ची को नुकसान न पहुंचे, इसलिए उन्होंने खुद चाइल्ड हेल्पलाइन को फोन कर बच्ची की जानकारी दी।
पुलिस को पंत मार्ग के पीछे एक गली में लावारिस नवजात के मिलने की सूचना मिली थी। तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शिशु को अस्पताल में भर्ती कराया और चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से उसे शिशु निकेतन, केदारपुरम में सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया। पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता से बच्ची की जान बच गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के निर्देश पर थानाध्यक्ष मोहन सिंह ने इस मामले की गहराई से जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच से खुलासा हुआ कि एक स्कूटी पर युवक और युवती नवजात को लेकर आए थे और उसे वहां छोड़कर चले गए थे।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छात्रा और उसके प्रेमी की पहचान कर ली है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि पारिवारिक दबाव और सामाजिक डर के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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