देहरादून में बिंदाल नदी के तटवर्ती क्षेत्र में अवैध रूप से किए गए निर्माणों पर अब कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद नगर निगम ने विस्तृत सर्वेक्षण कर कुल 310 निर्माणों को अवैध घोषित कर दिया है। निगम अब आठ सितंबर को अदालत में अपनी विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगा, जिसके बाद आगे की कार्यवाही तय होगी।
हाईकोर्ट की सख्ती और निगम की रिपोर्ट
25 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने नगर निगम को बिंदाल नदी किनारे हुए अतिक्रमणों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इस पर निगम ने अतिरिक्त समय की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 8 सितंबर तय की है। निगम को रिपोर्ट में अतिक्रमण की प्रकृति, कब्जाई गई भूमि, निर्माण की समयावधि, नदी भूमि की स्थिति और फ्लड प्लेन जोन संबंधी सभी बिंदुओं को शामिल करना होगा।
864 में से 310 निर्माण घोषित अवैध
पूर्व में अदालत के निर्देशों पर कराए गए सर्वे में नदी किनारे कुल 864 निर्माण अवैध पाए गए थे। नोटिस जारी होने के बाद निगम को 620 आपत्तियां प्राप्त हुईं। इन पर सुनवाई के उपरांत 310 निर्माणों को अंतिम रूप से अवैध घोषित किया गया है। अब इन्हीं पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी।
मानसून के बाद होगी कार्रवाई
सहायक नगर आयुक्त वीपी चौहान ने बताया कि मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए वर्षा ऋतु के दौरान किसी भी परिवार को बेदखल नहीं किया जाएगा। सभी प्रभावित लोगों को नोटिस भेजकर स्वयं स्थानांतरित होने की सलाह दी गई है। मानसून के समाप्त होने के बाद ही ध्वस्तीकरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
2016 के बाद बने निर्माण होंगे अवैध
न्यायालय के निर्देशों के अनुसार वर्ष 2016 के बाद किए गए निर्माण अवैध माने जाएंगे, जबकि 2016 से पहले बनी बस्तियों को विशेष अध्यादेश के तहत वैधता प्रदान की जा चुकी है। राजपुर से लेकर मोथरोवाला नौका तक की गई सर्वेक्षण प्रक्रिया इन्हीं मानकों के आधार पर संपन्न की गई है।






