उत्तराखंड की दिव्यता और अध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर केदारनाथ अब केवल बाबा केदार के दर्शन का स्थल नहीं रहा, बल्कि ध्यान साधना का प्रमुख केंद्र भी बन चुका है। इसके केंद्र में है “रुद्र गुफा”—एक ऐसी प्राकृतिक शांति स्थली, जिसने 2019 में तब अंतरराष्ट्रीय पहचान पाई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां ध्यान साधना की। उसी पल से यह गुफा श्रद्धालुओं और साधकों के आकर्षण का केंद्र बन गई।
समुद्रतल से 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह गुफा मंदाकिनी नदी के पार, दुग्ध गंगा के पास, मंदिर से लगभग 800 मीटर दूर बनी है। शांत वातावरण में स्थित यह गुफा 10 फीट लंबी और 8 फीट चौड़ी है। वर्ष 2018 में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) द्वारा आठ लाख रुपये की लागत से इसका निर्माण किया गया था, जो अब केदारनाथ पुनर्निर्माण योजना का गौरवपूर्ण हिस्सा है।
गुफा में आधुनिक सुविधाओं की भी कोई कमी नहीं है—यहाँ बिजली, पानी, टेलीफोन, शौचालय और फलाहार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। यही कारण है कि अब तक 365 से अधिक तीर्थयात्री यहां ध्यान कर चुके हैं, जिनमें 36 विदेशी साधक भी शामिल हैं। इस गुफा की बुकिंग जीएमवीएन की आधिकारिक वेबसाइट पर की जा सकती है। वहीं, क्षेत्र में मौजूद अन्य दो गुफाओं में अभी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
अगर आप बाबा केदार के दर्शन के साथ आत्मिक शांति और ध्यान में लीन होना चाहते हैं, तो रुद्र गुफा आपके लिए एक आदर्श स्थान है—जहाँ पर्वतों की गोद में आपको सन्नाटा नहीं, बल्कि आत्मिक संवाद सुनाई देगा।
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